GST चोरी के आरोपों पर उमंग सिंघार का वित्त मंत्री को पत्र, केंद्रीय जांच की मांग

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भोपाल।  मध्यप्रदेश में विभिन्न राज्यों से संगठित तरीके से हो रही जीएसटी चोरी के मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है. उन्होंने पूरे प्रकरण की केंद्रीय स्तर पर व्यापक जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है. सिंघार ने अपने पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अध्यक्ष, मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री और वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव को भी भेजी है।

उमंग सिंघार ने अपने पत्र में लिखा

पत्र में उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख औद्योगिक जिलों से मिली जानकारी के आधार पर यह सामने आया है कि अलग-अलग राज्यों से प्रदेश में संगठित जीएसटी चोरी का नेटवर्क सक्रिय है. इसके जरिए भारी मात्रा में माल का परिवहन और व्यापार बिना वैध कर भुगतान के किया जा रहा है।

गुजरात-महाराष्ट्र से आ रहा माल

पत्र में उल्लेख किया गया है कि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के राज्यों से आयरन सामग्री, निर्माण सामग्री और मसालों सहित कई व्यापारिक वस्तुएं ट्रकों के माध्यम से मध्यप्रदेश लाई जा रही हैं और पूरे प्रदेश में वितरित की जा रही हैं।

फर्जी ई-वे बिल और अंडर-इनवॉइसिंग

सिंघार के अनुसार इस नेटवर्क में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. बड़ी मात्रा में माल का परिवहन फर्जी या हेरफेर किए गए ई-वे बिल के जरिए किया जा रहा है. कई मामलों में माल की वास्तविक मात्रा और कीमत कम दिखाकर अंडर-इनवॉइसिंग की जाती है, जिससे देय जीएसटी कम चुकाना पड़े . उन्होंने आरोप लगाया कि बिचौलियों और परिवहन नेटवर्क के माध्यम से यह पूरा तंत्र संगठित रूप से काम कर रहा है, जो बिना कर भुगतान के माल को विभिन्न राज्यों से मध्यप्रदेश तक पहुंचाता है।

हजारों करोड़ के राजस्व नुकसान का दावा

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से केंद्र और राज्य सरकार दोनों के जीएसटी राजस्व को हर साल हजारों करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है. सिंघार ने केंद्रीय वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्तर पर निष्पक्ष और व्यापक जांच कराई जाए तथा इसमें शामिल संगठित नेटवर्क, परिवहन चैनलों और संबंधित संस्थाओं की भूमिका की गहन पड़ताल की जाए।