नारायण लाल ने मिट्टी जांच से बदली खेती की तस्वीर

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जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में जयपुर जिले में ग्राम उत्थान शिविरों का प्रभावी एवं सफल आयोजन किया जा रहा है। ये शिविर आमजन के लिए राहत और समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहे हैं।जयपुर जिले की पंचायत समिति झोटवाडा की ग्राम पंचायत मुण्डियारामसर अंतर्गत ग्राम किशोरपुरा काकरोदा के कृषक नारायण लाल शर्मा वर्ष 2023 तक परंपरागत पद्धति से बिना मिट्टी जांच कराए खेती करते थे। मिट्टी की वास्तविक स्थिति की जानकारी के अभाव में उर्वरकों का संतुलित उपयोग नहीं हो पाता था, जिससे उत्पादन और आय सीमित बनी हुई थी।
कृषि पर्यवेक्षक श्रीमती सावित्री कुमावत द्वारा मिट्टी जांच की महत्ता से अवगत कराते हुए श्री शर्मा के खेत से मिट्टी का नमूना लिया गया। जांच उपरांत उन्हें सोयल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराया गया, जिसमें खेत की मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों एवं उनकी कमी की स्पष्ट जानकारी दी गई। कार्ड में सुझाए गए पोषक तत्वों के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग किया गया।मिट्टी जांच के आधार पर श्री शर्मा ने गेहूं, बाजरा एवं सब्जियों की खेती की, जिसके परिणामस्वरूप फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। खेत में कार्बनिक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए उन्होंने सड़ी हुई गोबर खाद, जीवामृत एवं धनजीवामृत जैसे जैविक आदानों का प्रयोग किया। यही जैविक पद्धति उन्होंने अपने बगीचे में भी अपनाई, जिससे उत्पादन के साथ-साथ मुनाफा भी बढ़ा।वैज्ञानिक एवं जैविक खेती अपनाने के परिणामस्वरूप खेती की लागत में लगभग 40 प्रतिशत तक की कमी आई, जबकि आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। श्री शर्मा का कहना है कि मिट्टी जांच एवं जैविक आदानों के उपयोग से न केवल फसल उत्पादन बेहतर हुआ, बल्कि भूमि की उर्वरता भी सुरक्षित बनी रही।शुक्रवार को ग्राम पंचायत मुण्डियारामसर में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर के दौरान सहायक कृषि अधिकारी, धानक्या द्वारा श्री शर्मा को सोयल हेल्थ कार्ड प्रदान किया गया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार एवं कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अन्य किसानों से भी अपील की कि वे मिट्टी जांच कराकर ही खेती करें, जिससे भूमि की उर्वरता बनी रहे और आमदनी में निरंतर इजाफा हो सके।