भ्रष्टाचार मामले में यूपी की नगरपालिका अध्यक्ष को नोटिस, राज्यपाल के आदेश पर कार्रवाई

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देवरिया|यूपी के देवरिया में नगरपालिका परिषद गौरा बरहज की अध्यक्ष श्वेता जायसवाल को भ्रष्टाचार के आरोपों पर शासन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के आदेश पर नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद ने यह नोटिस जारी किया। अध्यक्ष को 15 दिन में लिखित जवाब देने का निर्देश दिया गया है। इस कार्रवाई से नगरपालिका प्रशासन में खलबली मच गई है। हालांकि, अध्यक्ष ने कोई नोटिस मिलने से इनकार किया है।भाजपा नेता अमरेंद्र गुप्त, भाजपा सभासद लव सोनकर, नवाब हुसैन, उमेश यादव, अंजू यादव और द्रौपती देवी ने नियमों को ताक पर रखकर चहेती फर्मों को निविदा देने, स्वच्छ भारत मिशन के तहत अधिक मूल्य पर कूड़ेदान खरीदने, नगरपालिका के वाहनों का अध्यक्ष द्वारा निजी कार्य मे उपयोग, टैक्सी स्टैंडों से अवैध वसूली, निर्माण कार्य का मनमाने तरीके से टेंडर करने सहित 26 बिंदुओं पर नगरपालिका के भ्रष्टाचार की शिकायत शासन से की थी।शासन से गठित जांच समिति ने 13 बिंदुओं पर पूर्ण रूप से और 13 बिंदुओं को जांच में आंशिक रूप से सही पाया। जांच में भ्रष्टाचार की पुष्टि होने पर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने कार्रवाई के लिए शासन को लिखा। इसके बाद नगर विकास मंत्रालय ने अपनी स्वीकृति प्रदान की। शासन ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि वह पालिकाध्यक्ष को नोटिस तामील कराएं। यदि जवाब शासन को संतोषजनक नहीं लगा तो उनके खिलाफ निलंबन या पद से हटाने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है।

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गौरा-बरहज नगरपालिका परिषद अध्यक्ष -्श्वेता जायसवाल ने कहा कि अभी मुझे शासन से न कोई नोटिस मिला है और न ही इसकी जानकारी है। अगर नोटिस मिलता है तो उसका जवाब दिया जाएगा। जिन आरोपों पर नोटिस की बात हो रही है, वे सभी राजनीति से प्रेरित हैं।