अब इलाज की चिंता खत्म: राजस्थान के मरीज देशभर के 30 हजार+ अस्पतालों में कराएंगे फ्री उपचार

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MAA Update : मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) अब पूरे देश के लिए मिसाल बन गई है। योजना में शामिल करोड़ों परिवार अब दूसरे राज्यों में भी निःशुल्क उपचार ले सकेंगे। चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर अब इस योजना में देश के 30 हजार से अधिक अस्पतालों का बड़ा नेटवर्क शामिल हो गया है। इससे प्रदेश के नागरिकों को देश के नामी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा। केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाय) को एकीकृत कर वृहद रूप में प्रदेश में यह योजना संचालित की जा रही है।

राजस्थान सरकार ने इस योजना में करीब 6 माह पहले इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू की थी, जिसके पहले चरण में इन बाउण्ड पोर्टेबिलिटी लागू की गई थी। इसके तहत दूसरे राज्यों के नागरिकों को राजस्थान में इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाई गई थी।
 

योजना में आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा शुरू

हाल ही में इस योजना में आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है। इससे प्रदेश के नागरिकों को देश के अन्य राज्यों में निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

तमिलनाडु, कर्नाटक के अलावा सभी राज्यों में सुविधा

विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी के अंतर्गत तमिलनाडु और कर्नाटक के अलावा अन्य सभी राज्यों के करीब 17 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी।

इसमें पड़ोसी राज्यों के प्रमुख अस्पताल भी शामिल हैं। दिल्ली के 184, गुजरात के 2067, हरियाणा के 1366, मध्य प्रदेश के 1622, महाराष्ट्र के 1709, पंजाब के 823 और उत्तर प्रदेश के 6182 अस्पताल इस योजना में सूचीबद्ध हैं। इसमें दिल्ली एवं भोपाल के एम्स, मेदांता, चंडीगढ़ का पीजीआइ, लखनऊ का केएमपीयू, गुजरात के यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एण्ड रिसर्च सेंटर, द गुजरात कैंसर एंड रिसर्च सेंटर, बनास मेडिकल कॉलेज एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पालनपुर, सहित कई नामी अस्पताल शामिल हैं।