चचरी पुल से जान जोखिम में डालकर अर्घ्य, प्रशासन की लापरवाही उजागर

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पटना। राजधानी पटना के बाढ़ अनुमंडल के बख्तियारपुर प्रखंड अंतर्गत लखनपुरा गांव के पास चैती छठ के मौके पर प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों की सतर्कता से यहां एक बड़ा हादसा टल गया। दरअसल, यहां छठ व्रतियों को अर्घ्य देने के लिए नैया बाबा मंदिर के पास गंगा चैनल पार करने हेतु बांस के चचरी पुल का सहारा लेना पड़ा।

करीब छह महीने पहले  बना था चचरी पुल 

यह चचरी पुल लगभग छह महीने पहले दियारा क्षेत्र में खेत जाने के लिए किसानों द्वारा बनाया गया था। इसी अस्थायी और खतरनाक पुल से करीब पंद्रह गांवों के सैकड़ों ग्रामीण रोजाना आवागमन करते हैं। इस पुल का निर्माण स्थानीय ग्रामीणों ने करीब 20 हजार रुपए चंदा इकट्ठा कर किया था।

प्रशासन ने नहीं की समुचित व्यवस्था

चैती छठ पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई। शाम को सूर्य भगवान को अर्घ्य देने के समय अचानक भारी भीड़ चचरी पुल पर पहुंच गई। इसी दौरान पुल के धंसने की खबर फैलते ही श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

मौके पर पहुंचा प्रशासन

गंगा की मुख्य धारा तक स्नान के लिए जा रहे लोगों के कारण पुल पर दबाव काफी बढ़ गया था, जिससे आने-जाने में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही एसडीपीओ आयुष श्रीवास्तव, थाना अध्यक्ष देवानंद शर्मा, बीडीओ उज्ज्वल कांत और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। आपदा मित्रों और मनरेगा टीम के सहयोग से लोगों को सुरक्षित तरीके से पुल पार कराया गया।

पुल निर्माण की मांग एक बार फिर तेज

जानकारी के अनुसार, लगभग पंद्रह गांवों के 500 से अधिक छठ व्रती अर्घ्य देने के लिए गंगा किनारे इस चचरी पुल को पार कर गए। वहीं संध्या और सुबह के अर्घ्य के दौरान करीब 10-10 हजार लोगों ने जान जोखिम में डालकर घाट तक पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस घटना के बाद इलाके में स्थायी पुल निर्माण की मांग एक बार फिर तेज हो गई है।