जल संरक्षण कार्यों में आमजन की भागीदारी भी सुनिश्चित हो – मुख्य सचिव

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    जयपुर, 9 फरवरी। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि जल संरक्षण  योजनाओं के तहत किए जा रहे कार्यों में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

     उन्होंने अधिकारियों को आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए प्लांटेशन की समुचित योजना पहले से ही तैयार करने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने जलागम क्षेत्रों की स्पष्ट सीमांकन प्रक्रिया को भी समय पर पूरा करने तथा सभी स्वीकृत कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए कहा।

     उन्होंने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (जलग्रहण विकास घटक) एवं मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान द्वितीय चरण की प्रगति के बारे में भी जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किये।    

     उन्होंने कहा कि भूमि एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन किया जाए, जिससे वर्षा आधारित खेती को मजबूती मिले और किसानों की आय बढ़ाने में सहायता मिल सके। मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि परियोजना क्षेत्रों में फसल पैटर्न में आए बदलाव, एक फसली क्षेत्र से दो फसली क्षेत्र में परिवर्तन तथा खेती योग्य भूमि में हुए सुधार का आकलन किया जाए।

     बैठक में राज्य में जलग्रहण विकास के तहत भूमि संरक्षण, जल संचयन और कृषि सुधार से जुड़े विभिन्न कार्यों के संबध में भी चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि तालाब, चेकडैम, परकोलेशन टैंक, कंटूर ट्रेंच, टांका, तालाबों का नवीनीकरण तथा अन्य जल संरक्षण संरचनाओं के कार्यों से भूजल स्तर में सुधार होने के साथसाथ खेती और आजीविका के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने इन कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिये।

विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 (MJSA 2.0) के अंतर्गत गांवों में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके तहत बड़ी संख्या में गांवों का चयन कर लाखों हेक्टेयर क्षेत्र को उपचारित किया जा रहा है, जिससे सूखे और जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों को लाभ मिल रहा है।

बैठक में जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।