जयपुर|राजस्थान विधानसभा में शनिवार को राजस्व विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान महवा से कांग्रेस विधायक रीटा चौधरी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सदन में दावा करते हैं कि वे पक्ष और विपक्ष, दोनों के विधायकों से मिलते हैं तथा किसी का फोन आने पर जवाब अवश्य देते हैं, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है।रीटा चौधरी ने कहा कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर कई बार मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को फोन कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें कभी कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने बताया कि सरकार के पहले साल के बजट के दौरान जब उन्होंने मुख्यमंत्री को फोन किया, तो करीब आधे घंटे बाद उनका फोन वापस आया। इस दौरान उन्होंने मुलाकात का समय मांगा, जिस पर उन्हें सीएमओ बुलाया गया।
रीटा ने कहा कि जब वे सीएमओ पहुंचीं तो वहां कई भाजपा विधायक और आरएसएस से जुड़े लोग बैठे हुए थे और गीता उपदेश पर चर्चा चल रही थी। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में मुख्यमंत्री सबसे पहले विपक्ष की बात सुनते थे, लेकिन यहां उन्हें सबसे आखिर में बुलाया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि जब अंततः उन्हें बुलाया गया तो मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि वे किस विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। रीटा चौधरी ने कहा, “जब उन्हें यह तक नहीं पता कि मैं कहां से विधायक हूं, तो मैं उन्हें क्या काम बताती? मैं व्यक्तिगत कार्य से नहीं, बल्कि जनसमस्याओं को लेकर गई थी।”
प्रभारी मंत्री पर आरोप
रीटा चौधरी ने अपनी विधानसभा क्षेत्र में नियुक्त प्रभारी मंत्री पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार में आमजन की सुनवाई नहीं हो रही है। प्रभारी मंत्री विकास कार्यों पर ध्यान देने के बजाय हवेलियों पर कब्जा करने जैसे कार्यों में लगे हुए हैं।
शेखावाटी में गिरदावरी की मांग
रीटा चौधरी ने कहा कि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह वर्ष मौसम के लिहाज से सबसे तेजी से बदलाव वाला वर्ष रहा है। फरवरी माह में असामान्य रूप से तेज गर्मी पड़ने के कारण शेखावाटी क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। फसलों के दाने प्रभावित हुए हैं और किसानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। उन्होंने सरकार से शेखावाटी क्षेत्र में तत्काल गिरदावरी करवाने और किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की।









