जयपुर|राजस्थान में सरकारी भर्तियों की ओएमआर शीट में नंबर बढ़ाने के मामले सामने आने के बाद राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) ने सख्त रुख अपनाया है। बोर्ड ने भविष्य में होने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं की ओएमआर शीट ऑनलाइन अपलोड करने का बड़ा फैसला लिया है। इस निर्णय का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाना है। इस नई व्यवस्था की शुरुआत चपरासी (फोर्थ ग्रेड) भर्ती परीक्षा से की जाएगी।हाल ही में सामने आए एक मामले में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के कुछ अधिकारियों और एक निजी फर्म के कर्मचारियों पर आरोप लगे थे कि उन्होंने अभ्यर्थियों से पैसे लेकर ओएमआर शीट में छेड़छाड़ की और नंबर बढ़ा दिए। इस हेराफेरी के चलते कई अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी मिल गई। मामला उजागर होने के बाद भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।धांधली की शिकायतों के बाद लिया गया फैसला
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि हाल के दिनों में ओएमआर शीट में गड़बड़ी से जुड़े मामले सामने आए हैं। इसके बाद अभ्यर्थियों की ओर से भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर कई शिकायतें बोर्ड को मिलीं। इन परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए बोर्ड ने चयन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है।आलोक राज ने कहा कि अब बोर्ड द्वारा भर्ती परीक्षाओं में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए चयनित अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट सार्वजनिक की जाएगी। इससे अभ्यर्थी स्वयं अपनी उत्तर पुस्तिका देख सकेंगे और किसी भी तरह की गड़बड़ी को समय रहते सामने लाया जा सकेगा।
चपरासी भर्ती परीक्षा से होगी शुरुआत
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि इस व्यवस्था की शुरुआत चपरासी (फोर्थ ग्रेड) भर्ती परीक्षा से की जाएगी। इस परीक्षा की ओएमआर शीट इसी महीने के अंतिम सप्ताह या फरवरी के पहले सप्ताह तक ऑनलाइन अपलोड कर दी जाएगी। इसके बाद होने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन बोर्ड अब तक पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाओं का आयोजन करता आया है और आगे भी इसी सोच के साथ काम करता रहेगा। ओएमआर शीट को सार्वजनिक करने का निर्णय इसी दिशा में एक अहम कदम है।
अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत करने की कोशिश
आलोक राज ने कहा कि ओएमआर शीट को ऑनलाइन उपलब्ध कराने से भर्ती प्रक्रिया पर उठने वाले सवालों पर विराम लगेगा और अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत होगा। अभ्यर्थी अपनी ओएमआर शीट देखकर संतुष्ट हो सकेंगे और अगर किसी तरह की त्रुटि या गड़बड़ी होती है, तो उसे सामने लाया जा सकेगा।बोर्ड का मानना है कि इस फैसले से गलत चयन, नंबर बढ़ाने या किसी तरह की हेराफेरी की आशंका काफी हद तक कम होगी। साथ ही, चयन प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता बनी रहेगी।
गड़बड़ी की आशंका होगी कम
इस फैसले के बाद भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी की संभावनाएं कम होने की उम्मीद है। ओएमआर शीट सार्वजनिक होने से न केवल अभ्यर्थी बल्कि समाज भी चयन प्रक्रिया पर नजर रख सकेगा। इससे गलत सिलेक्शन और भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी रोक लगेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ओएमआर शीट ऑनलाइन होने के बाद भी किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो फिर कर्मचारी चयन बोर्ड की कार्यशैली पर सीधे सवाल खड़े होंगे। ऐसे में बोर्ड पर जवाबदेही और भी बढ़ जाएगी।
अभ्यर्थियों के हित में बड़ा फैसला
चयन बोर्ड के इस निर्णय को छात्रों और अभ्यर्थियों के हित में बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है। लंबे समय से अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। अब ओएमआर शीट ऑनलाइन होने से भर्ती प्रक्रिया अधिक खुली और जवाबदेह होगी।
कुल मिलाकर, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड का यह फैसला न केवल भर्ती प्रणाली को सुधारने की दिशा में अहम है, बल्कि भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में विश्वास और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक मजबूत पहल माना जा रहा है।





