प्योंगयान । उत्तर कोरिया में लोगों को जानी दुश्मन देश दक्षिण कोरियाई के टीवी शो देखने या के-पॉप सुनने पर फांसी की सजा दी जा रही है और उन्हें लेबर कैंप में भेजा जा रहा है। इसमें स्कूल के बच्चे भी शामिल हैं। यह जानकारी एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया से भागकर आए लोगों ने बताया कि क्रैश लैंडिंग ऑन यू, डिसेंडेंट्स ऑफ द सन और स्क्विड गेम जैसे लोकप्रिय दक्षिण कोरियाई ड्रामा देखने या के-पॉप सुनने पर मौत तक की सजा हो सकती है। जिन लोगों के पास पैसा या अच्छे संपर्क नहीं होते, उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान होता है।
तानाशाह के देश से भागकर आए लोगों ने बताया कि देश में डर का माहौल है और दक्षिण कोरियाई संस्कृति को बड़ा अपराध माना जाता है। वहीं अमीर लोग कई बार अधिकारियों को रिश्वत देकर सजा से बच जाते हैं। लेकिन गरीबों के पास पैसा नहीं होने के कारण उन्हें सजा भुगतनी पड़ती है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल की डिप्टी रीजनल डायरेक्टर सारा ब्रूक्स ने कहा कि उ.कोरिया इसतरह कानून लागू कर रहा है जिसमें एक टीवी शो देखना भी आपके लिए जानलेवा हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार जानकारी तक पहुंच को अपराध बना रही है और अधिकारी इसका फायदा उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर कोरियाई सरकार के डर की वजह से पूरा देश एक तरह के वैचारिक कैदखाने में बंद है। जो लोग बाहरी दुनिया के बारे में जानना चाहते हैं या सिर्फ मनोरंजन करना चाहते हैं, उन्हें सबसे कठोर सजा दी जाती है। यह व्यवस्था डर और भ्रष्टाचार पर आधारित है और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का उल्लंघन करती है।









