रायपुर । छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में शुक्रवार को कुल 47 लाख रुपए के इनाम वाले 9 माओवादियों (Maoists) ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि अब रायपुर पुलिस रेंज (Raipur Police Range) नक्सली मौजूदगी से मुक्त हो गया है। रायपुर रेंज के धमतरी और गरियाबंद जिलों तथा ओडिशा के निकटवर्ती नुआपड़ा जिले में सक्रिय सभी कैडर या तो मारे गए हैं या सरेंडर कर चुके हैं।
रायपुर रेंज के आईजी अमरीश मिश्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ के धमतारी जिले में शुक्रवार को कुल 47 लाख रुपए के इनाम वाले 9 माओवादियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया, जिससे रायपुर पुलिस रेंज नक्सलियों की मौजूदगी से मुक्त हो गया।
बस्तर रेंज और राजनांदगांव के कुछ हिस्सों में अभी भी प्रभाव
आईजी ने बताया कि सरेंडर करने वाले कैडरों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष हथियार डाल दिए। उन्होंने इसके पीछे माओवादी विचारधारा से मोहभंग, जंगलों में जीवन की कठिनाइयों और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के प्रभाव का हवाला दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर रेंज और राजनांदगांव जिले के कुछ हिस्सों में माओवादी प्रभाव अभी भी जारी है। वहां कई कैडर अभी भी सक्रिय हैं।
दो महिला नक्सलियों पर 8-8 लाख का इनाम
7 महिलाओं सहित सरेंडर करने वाले सभी 9 माओवादी ओडिशा राज्य माओवादी समिति के धमतारी-गरियाबंद-नुआपड़ा डिवीजन के तहत संचालित नागरी और सीतानाडी क्षेत्र समितियों और मैनपुर स्थानीय गुरिल्ला दस्ते (एलजीएस) से संबंधित थे।
इनमें सीतानदी एरिया कमेटी की सचिव ज्योति उर्फ जैनी (28) और डिविजनल कमेटी सदस्य उषा उर्फ बलम्मा (45) पर 8-8 लाख रुपए का इनाम था। छह अन्य- रामदास मरकाम (30), रोनी उर्फ उमा (25), निरंजन उर्फ पोडिया (25), सिंधु उर्फ सोमादी (25), रीना उर्फ चिरो (25) और अमिला उर्फ सन्नी (25) पर 5-5 लाख रुपए का इनाम था। इसके अलावा लक्ष्मी पुनेम (18) पर 1 लाख रुपए का इनाम था। बलम्मा तेलंगाना की रहने वाली हैं, जबकि अन्य छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से हैं।
रायपुर रेंज में अब कोई कैडर नहीं
आईजी मिश्रा ने कहा कि रायपुर रेंज के अंतर्गत धमतरी और गरियाबंद जिलों तथा ओडिशा के निकटवर्ती नुआपड़ा जिले में सक्रिय सभी सूचीबद्ध कैडर या तो मारे गए हैं या सरेंडर कर चुके हैं या अब सक्रिय नहीं हैं। सरेंडर करने वालों माओवादियों ने दो इंसास राइफल, दो एसएलआर, एक कार्बाइन और एक मजल-लोडिंग बंदूक सहित कई हथियार भी सरेंडर कर दिए।
छत्तीसगढ़ में 2025 में 1500 से अधिक सरेंडर
इस सरेंडर के साथ छत्तीसगढ़ में इस वर्ष अब तक 189 माओवादियों ने हथियार डाल दिए हैं। 19 जनवरी को 45 लाख रुपए के इनाम वाले 9 माओवादियों ने गरियाबंद में सरेंडर किया, जबकि 15 जनवरी को 52 माओवादियों ने (कुल 1.41 करोड़ से अधिक का इनाम) बीजापुर में सरेंडर किया। केंद्र ने देशव्यापी वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च की समय सीमा निर्धारित की है। छत्तीसगढ़ में 2025 में 1500 से अधिक माओवादियों ने सरेंडर किया है।








