बालोतरा। जिले के औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक बेहद दुखद और दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। कपड़ा उद्योग के लिए प्रसिद्ध बालोतरा के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में केमिकल स्लज टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के संपर्क में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। इस घटना के बाद फैक्ट्री परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जबकि अन्य मजदूरों में भी भय और आक्रोश देखने को मिला।
कपड़ा फैक्ट्री में हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा बालोतरा औद्योगिक क्षेत्र के चतुर्थ चरण में स्थित कपड़ा फैक्ट्री में हुआ। शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे फैक्ट्री परिसर में बने केमिकल स्लज टैंक की सफाई का कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि इस दौरान तीन मजदूर टैंक के अंदर उतरकर जमा हुए केमिकल स्लज को हटाने का काम कर रहे थे।
टैंक के अंदर अचानक बनी जहरीली गैस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टैंक की सफाई के दौरान अचानक अंदर जहरीली गैस बनने लगी। कुछ ही क्षणों में गैस का असर इतना तेज हो गया कि टैंक में मौजूद तीनों मजदूर बेहोश होकर अंदर ही गिर पड़े। वहां मौजूद अन्य मजदूरों को जब इस स्थिति का पता चला तो उन्होंने तुरंत उन्हें बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। मजदूरों को बाहर निकालने के बाद तुरंत फैक्ट्री प्रबंधन को सूचना दी गई और एंबुलेंस बुलवाई गई। गंभीर हालत में तीनों मजदूरों को तुरंत बालोतरा के राजकीय नाहटा अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मजदूरों की हालत बेहद गंभीर बताई। चिकित्सकों की टीम ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन जहरीली गैस के असर के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। कुछ ही देर बाद डॉक्टरों ने तीनों मजदूरों को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का रो रोकर बुरा हाल
घटना की खबर फैलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मृतकों के परिजन भी सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंच गए, जहां अपने परिजनों को खोने के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले श्रवण (32) पुत्र मन्छाराम सांसी, निवासी बालोतरा, गुमनाराम (25) पुत्र रमेश सांसी, निवासी बालोतरा, विशंभर तिवारी (54) पुत्र चुदरी, निवासी बालोतरा तीनों मजदूर लंबे समय से फैक्ट्री में कार्यरत बताए जा रहे हैं और अपने परिवारों के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए। एसडीएम अशोक विश्नोई और डीएसपी अनिल पुरोहित अस्पताल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद अधिकारियों ने फैक्ट्री परिसर का भी निरीक्षण किया और मौके का मुआयना किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रारंभिक स्तर पर यह जानने की कोशिश की कि टैंक की सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
प्रारंभिक जांच में लापरवाही के संकेत
एसडीएम अशोक विश्नोई ने बताया कि शुरुआती जांच में फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही सामने आने के संकेत मिले हैं। जानकारी के अनुसार मजदूरों को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के ही केमिकल स्लज टैंक में उतार दिया गया था। ऐसे टैंकों की सफाई के दौरान सामान्यतः गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन मास्क, सुरक्षा बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग आवश्यक होता है, लेकिन प्राथमिक जानकारी के अनुसार इन सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। इसी कारण जहरीली गैस का असर मजदूरों पर तुरंत हुआ और वे टैंक के अंदर ही बेहोश हो गए।
मामले की जांच शुरू
पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। वहीं पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी व्यक्ति या फैक्ट्री प्रबंधन दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी
इस घटना के बाद बालोतरा के औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले हजारों मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों का कहना है कि कई फैक्ट्रियों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जाती है और मजदूरों से जोखिम भरे काम बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के करवाए जाते हैं। यह हादसा एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना कितना जरूरी है।









