जबलपुर: शासकीय अस्पताल में पति गायब, पत्नी ने लिया कोर्ट का सहारा

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जबलपुर : शासकीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज का एक अजीबोगरीब मामला हाईकोर्ट पहुंचा है. यहां उपचार के लिए भर्ती पति के गायब होने के बाद पीड़ित पत्नी ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए पुलिस को निर्देशित किया है कि वह लापता व्यक्ति को जल्द से जल्द तलाश कर पेश करें.

25 अगस्त 2025 से गायब है महिला का पति

ये याचिका लाल माटी घमापुर निवासी प्रीति विश्वकर्मा की ओर से दायर की गई है. याचिकाकर्ता ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा था कि उसने पति को विगत 25 अगस्त को उपचार के लिए शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती किया था. जब वह शाम को पति से मिलने गई तो वह गायब थे. पति के गायब होने के संबंध में उसने सखी एप में शिकायत की थी. एप के माध्यम से स्थानीय गढ़ा थाने को घटना की जानकारी दी गई थी. इसके साथ ही राज्य मानव अधिकार आयोग ने भी घटना को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की थी.

आखिर कहां गायब हुआ महिला का पति?

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अस्पताल से भर्ती मरीज आखिर कहां गायब हो गया? पुलिस द्वारा भी इस मामले में याचिकाकर्ता के पति की खोज नहीं की जा सकी, यही वजह रही कि महिला द्वार कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई. इस याचिका की सुनवाई के दौरान जिला पुलिस की ओर से कोर्ट में जवाब भी पेश किया गया है, जिससे मामला उलझ गया है. पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में संबंधित व्यक्ति बाहर जाते हुए नहीं दिखा है. ऐसे में सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर वह गया कहां?

लापता व्यक्ति के लगाए पोस्टर, तलाश जारी

पुलिस ने कोर्ट के यह भी बताया कि संबंधित व्यक्ति की तलाश के लिए उसके पोस्टर भी शहर भर में लगाए गए हैं. पुलिस द्वारा उसकी तलाश जारी है और उससे संबंधित हर सबूत जुटाए जा रहे हैं. वहीं, युगलपीठ ने सुनवाई के बाद पुलिस को लापता व्यक्ति की तलाश कर उसे जल्द से जल्द कोर्ट में पेश करने के आदेश जारी किए हैं. इस मामले में याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अनीष त्रिवेदी ने पैरवी की. याचिका पर अगली सुनवाई 21 अप्रैल को निर्धारित की गई है.