पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित

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भोपाल, 29 अप्रैल 2026। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में राज्य रेल सुरक्षा उच्चस्तरीय समन्वय समिति की बैठक पुलिस मुख्‍यालय भोपाल में आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश से होकर गुजरने वाले विस्तृत रेल नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना, विभिन्न एजेंसियों के मध्य समन्वय बढ़ाना तथा आगामी बड़े आयोजनों के दृष्टिगत रणनीतिक तैयारी सुनिश्चित करना था।पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेलवे सुरक्षा से जुड़े सभी बिंदुओं पर पूर्व तैयारी, सतत निगरानी एवं त्वरित समन्वय सुनिश्चित किया जाए, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने विशेष रूप से सिंहस्थ-2028 के विशाल आयोजन को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति तैयार करने पर बल दिया। बैठक में रेलवे के सुगम एवं सुरक्षित संचालन हेतु सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स के मध्य समन्वय, रेलवे परिक्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, रेलवे ट्रैक को अवरोधमुक्त रखने, भीड़ नियंत्रण, यात्रियों की सुरक्षा, महिला एवं वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा, अपराधों की रोकथाम, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी तथा संवेदनशील स्टेशनों पर सुरक्षा प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

इसके अतिरिक्त आगामी सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए रेल यातायात, यात्री दबाव, अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन, स्टेशन प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था तथा बहु-एजेंसी समन्वय की प्रारंभिक रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में विशेष पुलिस महानिदेशक रेलवे रवि कुमार गुप्ता, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक गुप्‍तवार्ता ए. सांई मनोहर, उप पुलिस महानिरीक्षक पंकज श्रीवास्तव, श्रीमती सिमाला प्रसाद, सहायक पुलिस महानिरीक्षक रेलवे अरविन्द कुमार दुबे सहित अन्‍य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही भारत सरकार की ओर से इंटेलिजेंस ब्यूरो के ज्वाइंट डायरेक्टर, पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, पश्चिम रेलवे चर्चगेट मुंबई, मध्य रेलवे छत्रपति शिवाजी टर्मिनल मुंबई, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज तथा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के रेलवे सुरक्षा बल के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त सहित अन्‍य रेलवे अधिकारी वर्चुअली उपस्थित रहे। यह बैठक राज्य एवं केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों के बीच एक संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मध्यप्रदेश देश के प्रमुख रेल कॉरिडोर का केंद्र है, ऐसे में विभिन्न राज्यों एवं रेलवे जोन के साथ समन्वय से अपराध नियंत्रण, ट्रैक सुरक्षा, यात्री सुरक्षा तथा आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होगी।