IIT Jodhpur में पानी का संकट, भीषण गर्मी में छात्र परेशान

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IIT जोधपुर में पानी के लिए हाहाकार: बाल्टियां लेकर कतार में खड़े दिखे छात्र, डायरेक्टर बोले- "मेरे घर में भी नहीं थी एक बूंद"

जोधपुर: राजस्थान में पारा चढ़ते ही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर में जल संकट गहरा गया है। पिछले 48 से 72 घंटों से कैंपस में पानी की नियमित सप्लाई ठप है, जिससे छात्र-छात्राओं और फैकल्टी में भारी रोष है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि देश के इस प्रतिष्ठित संस्थान के छात्र हाथों में बाल्टियां लेकर पानी के टैंकरों के पीछे लाइन लगाते नजर आ रहे हैं।

क्यों खड़ा हुआ यह संकट?

संस्थान के डायरेक्टर अविनाश अग्रवाल ने इस स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि पानी की सप्लाई बाधित होने की मुख्य वजह मुख्य पंप का खराब होना है। उन्होंने कहा कि कैंपस की जलापूर्ति ग्रामीण फीडर के माणकलाव पंप से होती है, जिसमें तकनीकी खराबी आने के कारण अचानक पानी बंद हो गया। डायरेक्टर ने स्वीकारा कि इस समस्या ने किसी को नहीं बख्शा और उनके खुद के आवास पर भी पानी की किल्लत रही।

प्रशासन के इंतजाम पड़े नाकाफी

कैंपस में पानी की कमी को पूरा करने के लिए प्रशासन ने टैंकरों का सहारा लिया है, लेकिन भीषण गर्मी और हजारों की आबादी के सामने ये इंतजाम ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि उन्हें दैनिक कार्यों जैसे नहाने और पीने के पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई छात्रों ने संस्थान प्रबंधन पर इस समस्या के प्रति ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।

स्थायी समाधान की तलाश

यह पहली बार नहीं है जब संस्थान को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा हो। आईआईटी प्रशासन ने राजस्थान सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन से इस मुद्दे पर स्थायी हस्तक्षेप की मांग की है।

  • वैकल्पिक व्यवस्था: वर्तमान में सुरपुरा डैम से पानी लाने की कोशिश की जा रही है।

  • शहरी सप्लाई की मांग: संस्थान अब मुख्य सचिव और जिला कलेक्टर के साथ बैठक कर कैंपस को शहरी जल आपूर्ति नेटवर्क से जोड़ने की योजना बना रहा है।

जलदाय विभाग को पूर्व में लिखे गए पत्रों का कोई ठोस परिणाम न मिलने के कारण अब संस्थान के आला अधिकारी इस मामले को उच्च स्तर पर उठाने की तैयारी में हैं। फिलहाल कैंपस के निवासी और छात्र पंप की मरम्मत का इंतजार कर रहे हैं ताकि जल्द से जल्द स्थिति सामान्य हो सके।