सेहत के लिए वरदान है 'ओट्स', पर क्या आप जानते हैं इसे खाने का सही तरीका?
आजकल फिट रहने और वजन कम करने के लिए लोग अपनी डाइट में 'ओट्स' को प्रमुखता से शामिल कर रहे हैं। फाइबर और प्रोटीन से भरपूर ओट्स न केवल शरीर को ऊर्जा देते हैं, बल्कि लंबे समय तक पेट भरा होने का अहसास भी कराते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ओट्स के फायदों का पूरा लाभ तभी मिलता है जब इसे सही तरीके और सही मात्रा में खाया जाए।
ओट्स के बेमिसाल फायदे:
वजन घटाने में सहायक: ओट्स में घुलनशील फाइबर (Soluble Fiber) की मात्रा अधिक होती है। यह पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे आपको जल्दी भूख नहीं लगती और आप अतिरिक्त कैलोरी लेने से बच जाते हैं। फिटनेस के प्रति जागरूक लोगों के लिए यह नाश्ते का सबसे उत्तम विकल्प है।
कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण: इसमें मौजूद बीटा-ग्लूकन नामक फाइबर शरीर से 'बैड कोलेस्ट्रॉल' (LDL) को कम करने में प्रभावी भूमिका निभाता है। नियमित रूप से ओट्स का सेवन हृदय रोगों के जोखिम को कम करने और दिल को सेहतमंद रखने में मददगार साबित हो सकता है।
शुगर लेवल को रखता है संतुलित: कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने के कारण ओट्स ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने नहीं देते। यही कारण है कि मधुमेह (Diabetes) के रोगियों के लिए डॉक्टर इसे एक सुरक्षित और पौष्टिक आहार मानते हैं। हालांकि, बाजार में मिलने वाले मीठे या फ्लेवर्ड ओट्स के बजाय सादे ओट्स का चुनाव करना अधिक श्रेयस्कर है।
सावधानी भी है जरूरी
ओट्स जहां सेहत के लिए अच्छे हैं, वहीं कुछ लोगों के लिए ये परेशानी का सबब भी बन सकते हैं:
पाचन संबंधी समस्या: कमजोर पाचन शक्ति वाले लोगों को ओट्स खाने से गैस, पेट फूलना या मरोड़ की शिकायत हो सकती है। ऐसे लोगों को बहुत ही कम मात्रा से शुरुआत करनी चाहिए।
अति सर्वत्र वर्जयेत: किसी भी चीज की अति नुकसानदेह होती है। केवल ओट्स पर निर्भर रहने से शरीर में अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। इसे हमेशा संतुलित आहार के एक हिस्से के रूप में ही लें।
क्या है सही तरीका?
ओट्स को दूध, दही या सब्जियों के साथ पकाकर खाया जा सकता है। इसमें ताजे फल या सूखे मेवे मिलाकर इसकी पौष्टिकता को और बढ़ाया जा सकता है। इंस्टेंट ओट्स की जगह 'स्टील कट' या 'रोल्ड ओट्स' का उपयोग स्वास्थ्य की दृष्टि से ज्यादा बेहतर माना जाता है।









