PM मोदी की अपील का असर: खंडवा में BJP विधायक धूप में साइकिल से निकलीं

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खंडवा (मध्य प्रदेश): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से की गई पेट्रोल-डीजल की बचत की अपील का व्यापक असर अब मध्य प्रदेश के जनप्रतिनिधियों और जमीन पर दिखने लगा है। खंडवा में सत्ता पक्ष के नेताओं ने न केवल इस अपील का समर्थन किया, बल्कि इसे अपने व्यक्तिगत जीवन में उतारकर एक नई मिसाल पेश की है। यहाँ की भाजपा विधायक कंचन तनवे ने गुरुवार को अपनी दिनचर्या बदलते हुए साइकिल को अपना लिया, वहीं महापौर अमृता अमर यादव ने अपने आधिकारिक पेट्रोल वाहन को त्यागकर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) का रुख किया।

'बदलाव की शुरुआत खुद से': विधायक का साइकिल संदेश

खंडवा विधायक कंचन तनवे गुरुवार सुबह जब अपने आवास से साइकिल चलाकर 'दादा दरबार' दर्शन के लिए निकलीं, तो वे शहर में चर्चा का विषय बन गईं। आमतौर पर कार से चलने वाली विधायक ने बताया कि प्रधानमंत्री की अपील से प्रेरित होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे खुद बदलाव की शुरुआत करें। विधायक ने अब सप्ताह में कम से कम एक दिन साइकिल या ई-बाइक का उपयोग करने का संकल्प लिया है, जिससे ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य लाभ भी मिल सके।

पेट्रोल वाहन छोड़ इलेक्ट्रिक कार और सोलर एनर्जी की ओर महापौर

इसी कड़ी में खंडवा की महापौर अमृता अमर यादव ने भी प्रधानमंत्री के आह्वान पर अपनी पेट्रोल से चलने वाली गाड़ी छोड़ दी है। वे अब पार्टी की बैठकों और अन्य कार्यक्रमों में इलेक्ट्रिक कार से पहुंच रही हैं। खास बात यह है कि वे इस वाहन को चार्ज करने के लिए भी सोलर एनर्जी (सौर ऊर्जा) का उपयोग कर रही हैं। महापौर ने कहा कि वे पूरी तरह से इस अपील पर अमल करने की कोशिश कर रही हैं और आने वाले समय में हरित ऊर्जा के विकल्पों को और अधिक बढ़ावा देंगी।

कार्यकर्ताओं को 'पूलिंग' और ई-वाहन की सलाह

भाजपा जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर ने भी प्रधानमंत्री की देशहित में की गई इस अपील को सार्थक बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अपील की है कि कार्यकर्ता पार्टी के कार्यक्रमों में आने के लिए कम से कम वाहनों का उपयोग करें। उन्होंने 'व्हीकल पूलिंग' का सुझाव देते हुए कहा कि एक ही वाहन में ज्यादा लोग सवार होकर निकलें या फिर इलेक्ट्रिक वाहनों का चुनाव करें।

ईंधन बचत से देश की मजबूती का लक्ष्य

इन प्रयासों के पीछे का मुख्य उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने वाले बोझ को कम करना और देश को आर्थिक रूप से अधिक स्वतंत्र बनाना है। जनप्रतिनिधियों का मानना है कि यदि देश का हर नागरिक सप्ताह में सिर्फ एक दिन भी निजी पेट्रोल-डीजल वाहन का त्याग करे, तो इससे करोड़ों लीटर ईंधन की बचत हो सकती है, जो सीधे तौर पर राष्ट्र के सम्मान और विकास में योगदान देगी।