जबलपुर: नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल में 'विश्व तंबाकू निषेध दिवस' के उपलक्ष्य में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी जबलपुर द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र के तत्वावधान में जेल में बंद कैदियों को नशे की लत से दूर करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। जेलर मदन कमलेश ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने बंदियों को संबोधित किया और तंबाकू व अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से शरीर पर पड़ने वाले घातक व जानलेवा दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जागरूक किया।
इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच से छूटेगा नशा
कार्यक्रम में आध्यात्मिक और मानसिक मजबूती पर जोर देते हुए ब्रह्माकुमारी वर्षा बहन ने कैदियों से कहा कि नशा छोड़ने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी मजबूत इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच है। इसके बल पर किसी भी बुरी आदत पर विजय पाई जा सकती है।
वहीं, सेवानिवृत्त भविष्य निधि विभागीय अधिकारी डॉ. सतेंद्र नेमा ने बेहद अनोखे अंदाज में अपनी कविताओं और सुरीले गीतों के माध्यम से कैदियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया, जिसे बंदियों ने काफी पसंद किया।
शारीरिक नुकसान के प्रति किया सचेत
जबलपुर के जाने-माने चिकित्सक डॉ. धनराज जाटव ने नशे के कारण होने वाली शारीरिक बीमारियों और मानसिक विकृतियों के वैज्ञानिक पहलुओं को समझाया। इसके बाद, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी की कार्यकारिणी के सदस्य सुनील गर्ग ने वहां मौजूद सभी कैदियों को जीवन में कभी भी नशा न करने की सामूहिक शपथ दिलाई। इस दौरान जेल के बंदी आर्केस्ट्रा समूह ने नशा मुक्ति पर आधारित एक बेहद प्रेरणादायक सांस्कृतिक गीत भी प्रस्तुत किया।
इस सुधारात्मक और प्रेरणादायी आयोजन के दौरान उप जेल अधीक्षक रूपाली मिश्रा, कल्याण अधिकारी सरिता घारू, मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता तेजसिंह ठाकुर और सहायक जेल अधीक्षक हिमांशु तिवारी सहित जेल प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। इस सराहनीय पहल की चर्चा अब भोपाल के प्रशासनिक हलकों में भी की जा रही है।









