पुरानी अदावत का खूनी अंजाम, उज्जैन में गोलीबारी से एक की मौत, चार घायल

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उज्जैन: महाकाल की नगरी उज्जैन के नीलगंगा चौराहे पर शनिवार की देर रात हुई अंधाधुंध फायरिंग की एक वारदात ने पूरे शहर को दहला कर रख दिया है। दो गुटों के बीच मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। इस खूनी झड़प के दौरान सरेराह चली गोलियों में लोकेश नाम के एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। वारदात की खबर मिलते ही भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।

गोरकर और पासी परिवार की पुरानी दुश्मनी में चलीं अंधाधुंध गोलियां

पुलिस प्रशासन द्वारा की गई शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि क्षेत्र के गोरकर और पासी परिवार के बीच लंबे समय से गहरी रंजिश चली आ रही थी। शनिवार की रात नीलगंगा चौराहे पर दोनों पक्षों के लोग अचानक एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। चश्मदीदों के मुताबिक, शुरुआत में दोनों ओर से तीखी गाली-गलौज और लाठी-डंडों से मारपीट हुई, लेकिन देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ युवकों ने जेब से पिस्टल निकालकर सीधे फायरिंग शुरू कर दी।

लोकेश की मौत से मचा कोहराम, पिता समेत चार लोग अस्पताल में भर्ती

इस अचानक हुई गोलाबारी में लोकेश को गंभीर रूप से गोली लग गई और वह वहीं लहुलूहान होकर गिर पड़ा। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिससे परिवार में कोहराम मच गया है। इस हिंसक हमले में मृतक के पिता दिलीप राव, जय और दो अन्य राहगीर भी छर्रे और गोलियां लगने से गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस के खोखे बरामद कर लिए हैं और हमलावरों की सटीक पहचान के लिए चौराहे पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।

महिला से जुड़े पुराने विवाद की फाइल भी पुलिस ने दोबारा खोली

नीलगंगा थाना पुलिस अब इस मामले के पुराने घटनाक्रमों को भी खंगालने में जुट गई है। रिकॉर्ड के मुताबिक, कुछ महीने पहले भी इन दोनों परिवारों के बीच एक महिला से जुड़े मामले को लेकर जमकर विवाद हुआ था, जिसके बाद दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में क्रॉस केस दर्ज कराया था। पुलिस अब इस बिंदु पर फोकस कर रही है कि क्या शनिवार रात का यह खूनी खेल उसी पुराने प्रतिशोध का नतीजा है या इसके पीछे कोई तात्कालिक वजह रही थी।

पूरे नीलगंगा इलाके में पुलिस का पहरा, गश्त और सुरक्षा बढ़ाई गई

वारदात के बाद से स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में भारी दहशत का माहौल व्याप्त है। क्षेत्र में दोबारा कोई हिंसक टकराव न हो और कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे, इसके लिए नीलगंगा चौराहे सहित आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल (कमांडो) तैनात कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और शहर का माहौल बिगाड़ने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा; सभी फरार आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।