भोपाल: मध्य प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए चलाई जा रही 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' इन दिनों काफी चर्चा में है। इस महत्वपूर्ण योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500-1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। जून 2023 से लेकर मई 2026 तक राज्य सरकार महिलाओं के खातों में सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर कर चुकी है।
जून में जारी होगी योजना की 37वीं किस्त
हाल ही में 13 मई 2026 को नरसिंहपुर जिले के ग्राम मुंगवानी से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने योजना की 36वीं किस्त जारी की थी, जिसके तहत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 22 हजार 542 लाड़ली बहनों के बैंक खातों में 1,835 करोड़ से अधिक की राशि भेजी गई थी। अब जून 2026 में योजना की 37वीं किस्त जारी होने वाली है। संभावना जताई जा रही है कि 10 से 15 जून के बीच मुख्यमंत्री द्वारा यह राशि जारी की जा सकती है, हालांकि तारीख को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा होना बाकी है।
1,000 रुपये से शुरू होकर 1,500 रुपये तक पहुंचा सफर
मई 2023 में शुरू हुई इस योजना की पहली किस्त 10 जून 2023 को जारी की गई थी। शुरुआत में महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह दिए जाते थे, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 1,250 रुपये किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 से इस राशि में एक बार फिर बढ़ोतरी कर इसे 1,500 रुपये प्रति माह (यानी 18,000 रुपये सालाना) कर दिया गया। वहीं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रही महिलाओं को इस योजना के तहत 900 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं।
लाड़ली बहना योजना का बजट और खर्च
इस योजना पर राज्य सरकार अब तक भारी-भरकम राशि खर्च कर चुकी है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 14,726.05 करोड़ रुपये, वर्ष 2024-25 में 19,051.39 करोड़ रुपये और वर्ष 2025-26 में 20,318.53 करोड़ रुपये व्यय किए गए। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने बजट में 23,882.81 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया है, जिसमें से अप्रैल 2026 तक 1,830.54 करोड़ रुपये खर्च भी किए जा चुके हैं।
कौन हैं योजना के पात्र और किन्हें नहीं मिलेगा लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए महिला का मध्य प्रदेश का स्थानीय निवासी होना जरूरी है। 21 से 60 वर्ष तक की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं इसके लिए पात्र हैं। इसके लिए स्वयं का बैंक खाता होना, उसमें आधार लिंक होना और डीबीटी सक्रिय होना अनिवार्य है।
दूसरी ओर, जिन परिवारों की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है, जो आयकरदाता हैं, जिनके पास 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि या चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर छोड़कर) है, वे इस योजना से बाहर हैं। इसके अलावा परिवार का कोई सदस्य शासकीय सेवा में होने या पेंशनभोगी होने पर भी लाभ नहीं मिलेगा।
ऐसे चेक करें लाभार्थी सूची में अपना नाम
महिलाएं योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर बेहद आसान स्टेप्स के जरिए अपने भुगतान और नाम की स्थिति जांच सकती हैं। इसके लिए वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर दिए गए "आवेदन एवं भुगतान की स्थिति" विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र आईडी दर्ज कर कैप्चा कोड डालना होगा। इसके बाद मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी (OTP) को दर्ज कर वेरिफाई करते ही भुगतान की पूरी स्थिति स्क्रीन पर दिखाई दे जाएगी।









