4 रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके मोदी, क्या 5वां भी होगा हासिल?

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 12 वर्षों से अधिक समय से देश की सत्ता संभाल रहे हैं। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ भारतीय अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को नई गति दी है, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी राजनीति के कई बड़े कीर्तिमान अपने नाम किए हैं। देश के राजनीतिक इतिहास में वह सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले और सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बन चुके हैं। हालांकि, उनकी उपलब्धियों का सफर यहीं नहीं रुकता। आने वाले दिनों में उनके नाम कुछ और ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज होने वाले हैं, जबकि कुछ ऐसे भी कीर्तिमान हैं जिन्हें पार करने के लिए उन्हें भविष्य में एक और कार्यकाल की आवश्यकता होगी।


पीएम मोदी द्वारा अब तक बनाए गए बड़े रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री मोदी के नाम लगातार कार्यकारी पद पर बने रहने का एक अनूठा रिकॉर्ड है। राज्य और केंद्र दोनों स्तरों के कार्यकाल को मिलाकर वह भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख के रूप में सेवा देने वाले नेता बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। पीएम मोदी के इस सफर में 15 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने और करीब 12 साल से देश के प्रधानमंत्री रहने का कार्यकाल शामिल है।

इसके अलावा, वह देश के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी हैं, जिन्होंने इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को पीछे छोड़ दिया है। वह पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता हैं जिन्होंने 2014 और 2019 के आम चुनावों में अपनी पार्टी को लगातार दो बार पूर्ण बहुमत दिलाया। साल 2024 के चुनाव में मिली जीत के बाद वह जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार तीन कार्यकाल के लिए चुने जाने वाले देश के दूसरे नेता बन गए हैं। खास बात यह है कि अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री की कमान संभालने के बाद से वे सत्ता में रहते हुए कभी कोई चुनाव नहीं हारे हैं।


इतिहास रचने के बेहद करीब हैं प्रधानमंत्री

आने वाली 10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक और बेहद खास और ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज होने जा रहा है। वह लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित होकर देश में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बन जाएंगे। इस मामले में वह पंडित जवाहरलाल नेहरू के करीब 64 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे।

इस रिकॉर्ड को समझने के लिए इतिहास के आंकड़ों को देखना होगा। देश में आजादी के बाद साल 1952 में पहले आम चुनाव हुए थे और इसके बाद निर्वाचित होकर जवाहरलाल नेहरू ने लगातार 4,398 दिनों तक प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया था। 10 जून को पीएम मोदी का लगातार निर्वाचित कार्यकाल 4,399 दिनों का हो जाएगा, जिससे वह नेहरू के इस रिकॉर्ड को पार कर जाएंगे। हालांकि, नेहरू का कुल कार्यकाल 16 साल से अधिक का था, क्योंकि उन्होंने 1947 से 1952 के बीच बिना चुनाव के भी देश की कमान संभाली थी। लेकिन चुनाव जीतकर लगातार पद पर बने रहने के मामले में अब पीएम मोदी सबसे आगे निकलने वाले हैं।


फिलहाल पहुंच से दूर कुछ बड़े कीर्तिमान

इन तमाम सफलताओं के बावजूद कुछ ऐसे रिकॉर्ड हैं जो अभी भी प्रधानमंत्री मोदी की पहुंच से दूर हैं। इनमें सबसे पहला रिकॉर्ड प्रधानमंत्री के रूप में कुल सबसे लंबे कार्यकाल का है। पंडित जवाहरलाल नेहरू कुल 6,131 दिनों तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे। इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए पीएम मोदी को साल 2030 के अंत तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहना होगा, जिसके लिए भारतीय जनता पार्टी को साल 2029 का आगामी लोकसभा चुनाव भी जीतना होगा।

दूसरा रिकॉर्ड राज्यों के मुख्यमंत्रियों का है। भले ही पीएम मोदी 12 साल से ज्यादा समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे हों, लेकिन पवन कुमार चामलिंग और नवीन पटनायक जैसे नेताओं के नाम 24 वर्षों से अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहने का सर्वकालिक रिकॉर्ड दर्ज है। चूंकि पीएम मोदी अब पूरी तरह केंद्रीय राजनीति में सक्रिय हैं, इसलिए इस रिकॉर्ड में बदलाव की संभावना न के बराबर है।

चुनावी इतिहास की बात करें तो लोकसभा चुनाव में किसी एक पार्टी द्वारा सबसे ज्यादा सीटें जीतने का रिकॉर्ड आज भी कांग्रेस के नाम है। साल 1984 में राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 414 सीटें जीती थीं, जिसे आज तक बीजेपी या कोई अन्य गठबंधन नहीं छू सका है। इसके अलावा, भारत में अब तक कोई भी नेता चार कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री नहीं चुना गया है। अगर पीएम मोदी साल 2029 के आम चुनाव में भी जीत हासिल करते हैं, तो वह देश के इतिहास में चार बार प्रधानमंत्री बनने वाले पहले राजनेता बनकर एक और नया इतिहास रच देंगे।