रिश्वतखोरी पर एसीबी की सख्त कार्रवाई, अधिकारी को रंगे हाथों दबोचा

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पोकरण। भ्रष्टाचार के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) नीति के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बुधवार को एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। एसीबी ने पोकरण स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में औचक छापेमारी करते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी को घूस की रकम स्वीकार करते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। सतर्कता विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे सरकारी महकमे में अफरा-तफरी मच गई और दफ्तर के अन्य कर्मचारियों के बीच हड़कंप का माहौल देखा गया। दिनभर प्रशासनिक गलियारों में इसी कार्रवाई को लेकर तीखी चर्चाएं चलती रहीं।

आंगनबाड़ी केंद्र के नोटिस को रफा-दफा करने के एवज में मांगी थी घूस

एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपतचंद से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) कार्यालय में तैनात सहायक प्रशासनिक अधिकारी भवानी सिंह को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। पूरा मामला एक पीड़ित परिवादी की शिकायत से जुड़ा हुआ है, जिसके आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़े एक प्रशासनिक प्रकरण में विभाग द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। आरोपी अधिकारी भवानी सिंह ने इस कानूनी नोटिस को फाइल में ही दबाने, मामले का निस्तारण करने और जांच को पूरी तरह बंद करने के बदले में परिवादी से मोटी रकम की डिमांड की थी। पीड़ित ने जब पैसे देने में असमर्थता जताई, तो आरोपी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा और काम अटकाकर बार-बार दफ्तर के चक्कर कटवाने लगा।

एसीबी मुख्यालय ने बिछाया जाल, रिश्वत के नोटों के साथ दबोचा

परेशान होकर पीड़ित ने इस भ्रष्टाचार की लिखित शिकायत एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी। ब्यूरो की तकनीकी टीम ने प्राथमिक स्तर पर मामले की बेहद गोपनीय तरीके से पड़ताल की और शिकायत का सत्यापन करवाया, जिसमें घूस मांगे जाने की बात अक्षरसः सत्य साबित हुई। इसके तुरंत बाद एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। बुधवार को तयशुदा रणनीति के तहत जैसे ही परिवादी ने सीडीपीओ कार्यालय के भीतर आरोपी सहायक प्रशासनिक अधिकारी भवानी सिंह को केमिकल लगे ₹5,000 के नोट थमाए, वैसे ही सादे कपड़ों में पहले से मुस्तैद एसीबी के अधिकारियों ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। इसके पश्चात रासायनिक घोल से आरोपी के हाथ धुलवाए गए, जिससे पानी का रंग गुलाबी हो गया, जो कि रिश्वत लेने का अचूक वैज्ञानिक प्रमाण है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज, पुरानी फाइलों की भी होगी जांच

ब्यूरो की टीम ने घूस की पूरी राशि को मौके पर ही जब्त कर पंचनामा तैयार किया और आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर आगे की गहन पूछताछ के लिए स्थानीय एसीबी चौकी ले गई। आरोपी भवानी सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसीबी के आला अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के कार्यालय की मेज से कुछ अन्य संदिग्ध फाइलें भी बरामद हुई हैं, जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह पहले भी कितने लोगों को इस तरह ब्लैकमेल कर चुका है। पोकरण क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने एसीबी की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे ईमानदार तंत्र के लिए एक मजबूत संदेश बताया है।