बहादुरगढ़: प्रॉपर्टी टैक्स (संपत्ति कर) की भारी-भरकम बकाया राशि वसूलने के लिए सरकार द्वारा ब्याज में शत-प्रतिशत (100%) की ऐतिहासिक छूट दिए जाने के बावजूद, स्थानीय करदाताओं की ओर से टैक्स चुकाने में वैसी दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है जैसी उम्मीद थी। नागरिकों के इस ढीले रवैये को देखते हुए अब नगर परिषद (नप) प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार करने का मन बना लिया है। अधिकारियों द्वारा सरकार की ओर से दी गई छूट की अंतिम तिथि (30 जून) के समाप्त होने का इंतजार किया जा रहा है। समयावधि खत्म होते ही शहर के बड़े बकायेदारों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सीलिंग अभियान शुरू किया जाएगा। आंकड़ों के मुताबिक, बहादुरगढ़ शहर में वर्तमान में 160 करोड़ रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स लंबित है।
चालू वित्त वर्ष में 10 करोड़ की वसूली का लक्ष्य
नगर परिषद ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान कुल 10 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार की ब्याज माफी योजना का एक सकारात्मक असर यह जरूर देखने को मिला है कि जो टैक्स वसूली पहले महीने भर में महज कुछ लाख रुपये तक सिमट जाती थी, वह पिछले महीने बढ़कर सवा करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई।
गौरतलब है कि पूर्व में नगर परिषद ने कड़ा एक्शन लेते हुए कई बड़े डिफॉल्टर्स की इमारतों को सील कर दिया था। वर्तमान में सरकार द्वारा रियायत दिए जाने के कारण इस दंडात्मक कार्रवाई पर अस्थाई रूप से रोक लगाई गई है, लेकिन नप के अधिकारी छूट की अवधि समाप्त होते ही दोबारा एक्शन मोड में आने के लिए पूरी तैयारी कर चुके हैं।
30 जून तक मिलेगा 100% ब्याज माफी का फायदा
शहरी क्षेत्र के मकान और दुकान मालिकों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए सरकार ने लंबित संपत्ति कर के ब्याज को पूरी तरह माफ करने की घोषणा की है:
योजना की अवधि: वित्त वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा संख्या-66 के अंतर्गत यह विशेष छूट केवल 30 जून तक ही प्रभावी है।
पात्रता: इसके तहत वर्ष 2010-11 से लेकर वर्ष 2024-25 तक के जितने भी लंबित प्रॉपर्टी टैक्स हैं, उनके ऊपर लगने वाले संपूर्ण ब्याज को शून्य (0) कर दिया गया है।
पोर्टल पर खुद करना होगा सत्यापन, जागरूकता अभियान जारी
यह योजना उन सभी संपत्ति धारकों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो भारी-भरकम ब्याज के कारण अपना टैक्स नहीं भर पा रहे थे। टैक्स जमा करने की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है:
सत्यापन प्रक्रिया: नागरिकों को सबसे पहले 'प्रॉपर्टी टैक्स ड्यूज पेमेंट एंड नो ड्यूज सर्टिफिकेट मैनेजमेंट सिस्टम' के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाकर अपनी संपत्ति का स्वयं सत्यापन (Self-Verification) करना होगा। इसके बाद ही बकाया राशि का ऑनलाइन भुगतान किया जा सकेगा।
नगर परिषद द्वारा इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ जन-जन तक पहुँचाने के लिए शहर में विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। नप के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस छूट से जहाँ आम जनता को बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है, वहीं नगर परिषद को भी शहर के प्रॉपर्टी रिकॉर्ड को डिजिटल और अपडेट करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।









