OBC वोटों से पंजाब का सियासी गणित साधने की तैयारी में बीजेपी

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चंडीगढ़/अबोहर: पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी राजनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य के चुनावी समीकरणों को अपने पक्ष में करने के लिए बीजेपी ने इस बार अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी (OBC) समुदाय को साधने के लिए एक बड़ा राजनीतिक अभियान शुरू किया है। पंजाब की राजनीति में ओबीसी वर्ग के वोटों की भारी अहमियत को देखते हुए पार्टी ने फाजिल्का जिले के अबोहर में 'सर्व समाज ओबीसी महासम्मेलन' का आयोजन किया, जिसे बीजेपी के चुनावी शंखनाद के रूप में देखा जा रहा है।

पंजाब के सियासी रण में ओबीसी वोटों का गणित

वोटर लिस्ट के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में करीब 2.14 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। हालांकि चुनाव आयोग की तरफ से जाति के आधार पर कोई आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए जाते, लेकिन सियासी अनुमानों के मुताबिक राज्य में अनुसूचित जाति (SC) के मतदाता लगभग 31.94 प्रतिशत (करीब 68.3 लाख) हैं। वहीं, ओबीसी वर्ग के मतदाताओं की संख्या भी तकरीबन 31 से 32 प्रतिशत (66 से 68 लाख) के बीच मानी जाती है। इस लिहाज से देखा जाए तो एससी और ओबीसी समुदाय मिलकर पंजाब के कुल वोट बैंक का करीब दो-तिहाई हिस्सा बनाते हैं। यही वजह है कि कोई भी राजनीतिक दल यदि इन दोनों वर्गों का भरोसा जीतने में कामयाब हो जाता है, तो उसकी सत्ता की राह बेहद आसान हो जाती है।

नया सामाजिक समीकरण बनाने की कोशिश

पंजाब की पारंपरिक राजनीति हमेशा से सिख किसान नेतृत्व, क्षेत्रीय मुद्दों और खास जातीय समीकरणों के इर्द-गिर्द ही घूमती रही है। लेकिन इस बार बीजेपी पंजाब में एक बिल्कुल नया सामाजिक और राजनीतिक ढांचा तैयार करने की कोशिश में जुटी है। पार्टी का मुख्य फोकस उन समुदायों को अपने पाले में लाना है, जो अब तक उसके स्थायी वोट बैंक का हिस्सा नहीं रहे हैं। असल में, बीजेपी उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में अपनाए गए अपने सफल 'ओबीसी मॉडल' को अब पंजाब की धरती पर भी दोहराने की पूरी तैयारी कर रही है।

महासम्मेलन से मालवा क्षेत्र की 15 सीटों पर नजर

बीजेपी का दावा है कि अबोहर में आयोजित इस महासम्मेलन के जरिए फाजिल्का, फिरोजपुर और श्री मुक्तसर साहिब जिलों की करीब 15 विधानसभा सीटों के मतदाताओं को सीधे तौर पर जोड़ने का प्रयास किया गया है। इन इलाकों में ओबीसी समुदाय की आबादी अच्छी-खासी और बेहद असरदार मानी जाती है। इस बड़े कार्यक्रम में पड़ोसी राज्य हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उनके साथ पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़, पूर्व मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी समेत पार्टी के कई दिग्गज नेता भी मंच पर मौजूद रहे।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि बीजेपी मालवा क्षेत्र के इस ओबीसी वोट बैंक में सेंध लगाने में कामयाब रहती है, तो आने वाले विधानसभा चुनाव के नतीजों में यह बेहद निर्णायक साबित हो सकता है।