जयपुर। कॉकरोच जनता पार्टी के एक सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन के दौरान संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके को सरेआम थप्पड़ मारे जाने के हाई-प्रोफाइल मामले में कानून व्यवस्था ने सख्त रुख अपनाते हुए पांच युवकों को अपनी हिरासत में ले लिया है। इस मामले में पकड़े गए एक मुख्य आरोपी का संबंध सत्ताधारी दल भाजपा के एक रसूखदार पदाधिकारी के भाई से होने के दावे के बाद अब यह पूरा प्रकरण पूरी तरह से सियासी रंग अख्तियार करता जा रहा है। स्थानीय पुलिस प्रशासन इस पूरे विवाद की हर एंगल से बारीक तफ्तीश में जुटा हुआ है। विधायकपुरी थाना इलाके में आयोजित इस राजनीतिक रैली में भारी संख्या में युवा और कार्यकर्ता एकजुट हुए थे। जब पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, तो अति-उत्साहित समर्थकों ने उन्हें अपने कंधों पर उठा लिया। इसी गहमागहमी के बीच सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए भीड़ में छिपे एक युवक ने अचानक आगे बढ़कर दीपके के चेहरे पर जोरदार तमाचा जड़ दिया, जिससे पूरे आयोजन स्थल पर अचानक भगदड़ और हंगामे की स्थिति पैदा हो गई।
पकड़े गए आरोपियों का है उच्च शैक्षणिक बैकग्राउंड
साउथ जोन के पुलिस उपायुक्त (DCP) राज ऋषि ने बताया कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले जिन पांच लोगों को दबोचा गया है, उनमें रोहित शर्मा (25) निवासी हीरावाला कानोता, राकेश गुर्जर (30) निवासी कुचावास बगरू, अजय शर्मा (25) निवासी कानोता, कुलदीप सिंह शेखावत (27) निवासी देवराला सीकर और निकेत (28) निवासी प्रभात नगर जोधपुर शामिल हैं। विधायकपुरी थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार के मुताबिक, पकड़े गए सभी आरोपी स्नातक (ग्रेजुएट) स्तर तक पढ़े-लिखे हैं। इनमें से रोहित शर्मा और राकेश गुर्जर उच्च शिक्षा में एमबीए (MBA) की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि अजय शर्मा और कुलदीप सिंह शेखावत अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर वर्तमान में रोजगार की तलाश कर रहे हैं। वहीं, पांचवा आरोपी निकेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग ले रहा है। पुलिस पूछताछ में इनके एक साथी अर्जुन ने दलील दी है कि यह हमला पहले से तय या सुनियोजित नहीं था, वे सब केवल प्रदर्शन देखने गए थे, लेकिन वहां की उत्तेजना को देखकर आवेश में यह कृत्य हो गया।
राजनैतिक रसूख और दावों ने गर्माया माहौल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा और राजनैतिक सरगर्मी आरोपी राकेश गुर्जर की पृष्ठभूमि को लेकर देखी जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह पुरजोर दावे किए जा रहे हैं कि वह सत्तारूढ़ भाजपा के एक बड़े नेता का सगा भाई है। घटना के बाद विपक्ष द्वारा यह आरोप भी उछाले जा रहे हैं कि सत्तारूढ़ दल इस शर्मनाक कांड से खुद को बचाने और दूरी बनाने की कोशिश कर रहा है, हालांकि इस संबंध में पार्टी के किसी भी आधिकारिक मंच से कोई खंडन या बयान सामने नहीं आया है। इसी बीच, कुछ राजनैतिक विश्लेषकों द्वारा राकेश गुर्जर के संबंध कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट के समर्थक गुट से भी होने के दावे किए जा रहे हैं, जिसके चलते मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
हमलों के बावजूद छात्रों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प
इस अप्रत्याशित शारीरिक हमले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि उनका यह पूरा आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण सिद्धांतों पर आधारित है, और वे इस प्रकार के कायराना हमलों या धमकियों से कतई डरने वाले नहीं हैं। दीपके ने संकल्प दोहराया कि वे बेरोजगार युवाओं, छात्रों के अधिकारों और व्यवस्था में व्याप्त कथित अन्याय के विरुद्ध अपनी इस लड़ाई को अंतिम सांस तक जारी रखेंगे, चाहे उन पर कितनी ही बार हिंसक हमले क्यों न किए जाएं। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन घटनास्थल और उसके आसपास के डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस बात का पता लगा रहा है कि इस थप्पड़ कांड के पीछे कहीं कोई गहरी राजनैतिक साजिश तो नहीं थी।









