कोटा। राजस्थान के कोटा जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोर पुलिसकर्मी को रंगे हाथों दबोच लिया। एसीबी ने उद्योग नगर थाने में तैनात कांस्टेबल हरिओम को परिवादी से 7 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी कांस्टेबल एक झूठे मामले को रफा-दफा करने, कानूनी कार्रवाई रोकने और आपसी समझौता कराने के नाम पर परिवादी को लगातार परेशान कर रहा था और इसके बदले में 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था। कोटा एसीबी द्वारा पिछले 15 दिनों के भीतर रिश्वतखोरी के खिलाफ की गई यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है।
नाबालिग बेटे का मामला दबाने के लिए मांगी घूस
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार के अनुसार, पीड़ित ने ब्यूरो के कार्यालय में उपस्थित होकर इस भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि उसकी कॉलोनी में उसके नाबालिग बेटे का किसी अन्य व्यक्ति से विवाद हो गया था, जिसके बाद विरोधी पक्ष ने थाने में उसके बेटे के खिलाफ एक झूठी शिकायत दे दी। इस मामले की जांच और कार्रवाई को दबाने के एवज में उद्योग नगर थाने में चेतक वाहन के चालक के रूप में कार्यरत कांस्टेबल हरिओम ने पीड़ित परिवार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और मामले को शांत करने के बदले 15 हजार रुपये की मांग रख दी।
पांच हजार की पहली किस्त पहले ही वसूल चुका था आरोपी
शिकायत में यह भी सामने आया कि आरोपी कांस्टेबल सौदा तय होने के बाद रिश्वत की कुल रकम में से 5 हजार रुपये की पहली किस्त पहले ही डकार चुका था। इसके बाद वह बची हुई बकाया राशि वसूलने के लिए परिवादी पर लगातार मानसिक दबाव बना रहा था और पैसे न देने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दे रहा था। परेशान होकर पीड़ित ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की शरण ली, जिसके बाद ब्यूरो के अधिकारियों ने गुप्त रूप से शिकायत का गोपनीय सत्यापन करवाया, जिसमें कांस्टेबल द्वारा पैसे मांगे जाने की बात पूरी तरह सच साबित हुई।
थाने के बाहर 7 हजार लेते ही एसीबी ने दबोचा
शिकायत की पुष्टि होने के बाद देर रात एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया। सत्यापन के दौरान आरोपी कांस्टेबल अंतिम बातचीत में 8 हजार रुपये लेने पर सहमत हो गया था। तय रणनीति के तहत जैसे ही देर रात कांस्टेबल हरिओम ने उद्योग नगर थाने के ठीक बाहर परिवादी से 7 हजार रुपये की नकद राशि हाथ में ली, वैसे ही इशारा मिलते ही घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। ब्यूरो की टीम अब आरोपी के ठिकानों की तलाशी लेने के साथ ही मामले की आगे की कानूनी कागजी कार्रवाई में जुट गई है।









