राष्ट्रपति भवन तक पहुँची अभिभावकों की गुहार
सिर्फ सर्कुलर जारी कर जिम्मेदारी से नहीं बच सकती केंद्र सरकार — विवेक त्रिपाठी
शिक्षा माफियाओ के ख़िलाफ़ कांग्रेस ने शुरू किया छात्रो की गूंज अभियान
अभिभावकों की माँग पेपर बेचने वालो को मृत्यदंड और ख़रीदने वाले को आजीवन कारावास की सजा मिले
भोपाल, 26 जून 2026 | कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने एनसीईआरटी द्वारा जारी उस चेतावनी पत्र को लेकर महामहिम राष्ट्रपति महोदया को विस्तृत पत्र भेजा है, जिसमें अभिभावकों और विद्यार्थियों को नकली एवं पायरेटेड एनसीईआरटी पुस्तकों से सावधान रहने की सलाह दी गई है। त्रिपाठी ने कहा कि इस सर्कुलर ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।कांग्रेस ने देश की गिरती हुई शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए की कैसे केंद्र सरकार पर शिक्षा माफिया हावी हो चुका है,इस विवाद की शुरुआत एनसीईआरटी के उस सर्कुलर से हुई जिसे जारी कर NCRT ने देश के अभिभावकाओ को नक़ली किताबों से सावधान रहने की नसीहत दी,पत्र को ले कर अभिभावकों में नारजगी नज़र आई उनका कहना है कि उन्होंने कहा कि एक ओर नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए महीनों बीत चुके हैं, वहीं दूसरी ओर सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराने का दावा करने वाली एनसीईआरटी मांग के अनुरूप मूल पुस्तकें उपलब्ध कराने में विफल रही है।इस स्थिति ने शिक्षा माफियाओं, नकली प्रकाशकों और कालाबाजारी करने वाले गिरोहों को खुला अवसर प्रदान किया है, जिसका खामियाजा देश के करोड़ों अभिभावकों और विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है शिक्षा माफिया को अवसर मिला और माता पिता ठगे गए।विवेक त्रिपाठी ने कहा कि जब देश की सबसे बड़ी शैक्षणिक संस्था एनसीईआरटी को स्वयं अपनी पुस्तकों की पायरेसी को लेकर चेतावनी जारी करनी पड़ रही है,तो देश की शिक्षा व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है।त्रिपाठी ने कहा कि आज देश में अभिभावक निजी स्कूलों की मनमानी फीस, निर्धारित दुकानों से किताबें और ड्रेस खरीदने की मजबूरी तथा शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण का दंश झेल रहे हैं।इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस लगातार जनआंदोलन और विरोध प्रदर्शन कर रही है।अब पेपर लीक के बाद किताबों के लीक होने की घटनाएं यह साबित करती हैं कि भाजपा राज में शिक्षा व्यवस्था पर माफियाओं का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है।जिसके ख़िलाफ़ कांग्रेस ने राष्ट्रव्यापी अभियान छात्रो की गूंज की शुरुआत की है।विवेक त्रिपाठी ने कहा कि छात्रो की गूंज अभियान उन छात्रो और अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए है जिसे देश की सब से प्रतिष्ठ नीट परीक्षा सहित अनेक महत्वपूर्ण परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों ने मानसिक पीड़ा दी है जिसके चलते कई छात्रों ने अपनी जान गवाई है।कई परिवार आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।इस विषम परिस्थितियों में जनमानस का लामबंद होना आवश्यक है वरना सरकार सिर्फ सर्कुलर निकाल कर खानापूर्ति करती रहेगी।राष्ट्रपति महोदया से कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने अपील करते हुए कहा कि देश के करोड़ों विद्यार्थी और उनके अभिभावक आशा भरी निगाहों से आपकी ओर देख रहे हैं। शिक्षा माफियाओं, पेपर लीक गिरोहों और नकली किताबों के कारोबारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कर देश की शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।उन्होंने मांग की कि महमाहिम इस पूरे मामले हस्तक्षेप कर सर्वोच्च न्यायालय के माननीय न्यायधीश की कमेटी से स्वतंत्र जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की कृपा करे साथ ही शिक्षा व्यवस्था को माफियाओं और भ्रष्ट तंत्र के चंगुल से मुक्त कराने के लिए ठोस राष्ट्रीय नीति और सक्त कानून बनाये जाए पेपर लीक करने वाले शिक्षा माफियाओ को मृत्य दंड और पेपर खरीदने वालो को आजीवन कारावास की सजा के प्रावधान हो।विवेक त्रिपाठी ने कहा कि देश के अभिभावक यह जानना चाहते हैं कि जब केंद्र सरकार स्वयं स्वीकार कर रही है कि नकली और पायरेटेड किताबें बाजार में बिक रही हैं, तो इन शिक्षा माफियाओं के खिलाफ क्यो बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है।केवल चेतावनी जारी कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल सलाह देने की नहीं, बल्कि शिक्षा माफियाओं की कमर तोड़ने और उन्हें कानून के कठघरे में खड़ा करने की है। देश के विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी कीमत पर मुनाफाखोर गिरोहों और भ्रष्ट तंत्र के हवाले नहीं छोड़ा जा सकता।साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति महोदया से अनुरोध किया है कि इस विषय पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने हेतु कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल को भेंट करने का समय प्रदान किया जाए।









