CM हेल्पलाइन पर शिकायत पड़ते ही हरकत में आया प्रशासन, 6 वाहन किए जब्त

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गौरेला: छत्तीसगढ़ सरकार के मंशानुरूप प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को रोकने और अवैध उत्खनन व खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले में एक बड़ी कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन और खनिज विभाग की संयुक्त उड़नदस्ता टीम ने संयुक्त रूप से जाल बिछाकर अवैध माइनिंग और परिवहन में संलिप्त कुल छह भारी वाहनों को रंगे हाथों पकड़कर जब्त कर लिया है। यह पूरी दंडात्मक कार्रवाई जिला कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन के कड़े और सीधे दिशा-निर्देशों के बाद जिला खनिज उड़नदस्ता दल द्वारा विभिन्न संवेदनशील इलाकों में अचानक दबिश देकर की गई।

मुरूम और मिट्टी की माइनिंग कर रही थीं जेसीबी, रेत का हो रहा था अवैध परिवहन

विभागीय सूत्रों से प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, खनिज विभाग को पिछले कुछ समय से देवराजपारा-सधवानी और बंधी-बचरवार के ग्रामीण अंचलों में बड़े पैमाने पर मुरूम और मिट्टी के अवैध उत्खनन की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। सूचना की तस्दीक के लिए जब उड़नदस्ता दल ने देवराजपारा-सधवानी क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया, तो वहां बिना किसी वैध रॉयल्टी और अनुमति के अवैध उत्खनन में लगी दो जेसीबी (JCB) मशीनें पाई गईं।

इसके तुरंत बाद टीम ने बंधी-बचरवार क्षेत्र में छापा मारकर वहां से भी एक अन्य जेसीबी मशीन को अवैध माइनिंग करते हुए जब्त किया। इसी कार्रवाई के दौरान दल को सिलपहरी क्षेत्र में अवैध रेत के परिवहन की भी गुप्त सूचना मिली, जिस पर त्वरित एक्शन लेते हुए अधिकारियों ने रेत से लदे तीन ट्रैक्टरों को भी रोककर उनके दस्तावेज मांगे। वैध कागजात और रॉयल्टी पर्ची न होने के कारण तीनों ट्रैक्टरों को भी तत्काल अभिरक्षा में ले लिया गया। सभी छह जब्त वाहनों को सुरक्षा के लिहाज से अमरपुर स्थित पुलिस लाइन परिसर में खड़ा कराया गया है।

सधवानी के ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर की थी शिकायत, तुरंत हुआ एक्शन

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस पूरी त्वरित कार्रवाई की पृष्ठभूमि सधवानी गांव के जागरूक ग्रामीणों की सजगता से जुड़ी है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे अवैध उत्खनन से परेशान होकर मुख्यमंत्री जनशिकायत हेल्पलाइन नंबर 1076 के साथ-साथ सीधे कलेक्टर कार्यालय में साक्ष्यों के साथ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

मामले की संवेदनशीलता और पर्यावरण को हो रहे नुकसान को देखते हुए कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया और खनिज विभाग को चौबीस घंटे के भीतर जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की समयसीमा तय कर दी थी। इसी के बाद हरकत में आए उड़नदस्ता दल ने मौके पर पहुंचकर इस बड़ी जब्ती को अंजाम दिया।

प्राकृतिक संपदा और राजस्व की सुरक्षा सर्वोपरि, बर्दाश्त नहीं होगी कोताही: कलेक्टर

इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने दोटूक शब्दों में कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की सीमाओं के भीतर किसी भी प्रकार के अवैध उत्खनन, खनिजों के अवैध परिवहन या उनके अवैध भंडारण (स्टॉक) को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम), तहसीलदारों और खनिज विभाग के अमले को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त और सतत निगरानी रखें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जहां भी अवैध गतिविधियों की शिकायत मिले, वहां बिना किसी दबाव के तत्काल छापामार कार्रवाई की जाए ताकि राज्य की प्राकृतिक संपदा का संरक्षण हो सके और शासन के वैध राजस्व को होने वाली क्षति को पूरी तरह रोका जा सके।

माइनिंग एक्ट के तहत दर्ज हुआ केस, इन अधिकारियों की रही मुख्य भूमिका

जिला खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब्त किए गए सभी छह वाहनों के स्वामियों और चालकों के खिलाफ 'खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम' की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत कड़ा मामला दर्ज कर लिया गया है। नियमानुसार, अवैध उत्खनन और परिवहन की श्रेणी में आने वाले इन वाहनों को शासन द्वारा निर्धारित भारी अर्थदंड (जुर्माना) और अन्य वैधानिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही कोर्ट के आदेश पर छोड़ा जाएगा।

इस पूरी घेराबंदी और सफल छापामार कार्रवाई को अंजाम देने में सहायक खनिज अधिकारी आदित्य मानकर, खनिज निरीक्षक सुजीत कंवर, खनिज सिपाही शिवकुमार लहरे, नगर सैनिक सतीश साहू तथा जिला खनिज उड़नदस्ता दल के अन्य सुरक्षाकर्मियों व सदस्यों की अत्यंत सक्रिय और सराहनीय भूमिका रही। इस कार्रवाई से पूरे जिले के खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।