झारखंड में टेक्नोलॉजी को नई उड़ान, पलामू में खुलेंगे AI और रोबोटिक्स के 4 सेंटर

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रांची। झारखंड सरकार ने राज्य में तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के स्तर को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार अब युवाओं को रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाने की तैयारी कर रही है। इस दूरदर्शी उद्देश्य को पूरा करने के लिए सरकार ने पलामू स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी) में चार विशेष क्षेत्रों में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इस पूरी परियोजना को पांच वर्षों की अवधि में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, जिस पर कुल 22.97 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।

स्टार्टअप संस्कृति को रफ्तार देने के लिए बनेगा नया इन्क्यूबेशन सेंटर

इस बड़ी तकनीकी परियोजना के तहत पलामू इंजीनियरिंग कॉलेज के भीतर ही नए विचारों और नवोन्मेष को जमीनी स्तर पर उतारने की व्यवस्था भी की जा रही है। युवाओं में उद्यमिता और नए स्टार्टअप को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कॉलेज परिसर में 'जीईसी इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर' की स्थापना की जाएगी। यह सेंटर उभरते हुए उद्यमियों को अपने बिजनेस आइडिया को सफल कंपनियों में बदलने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराएगा। सरकार ने इस पूरे सेंटर को मजबूती से शुरू करने के लिए कुल परियोजना लागत में से एक करोड़ रुपये की राशि इसके शेयर कैपिटल (प्रारंभिक पूंजी) के रूप में आवंटित करने का प्रावधान किया है।

शोध और रोजगार के खुलेंगे नए दरवाजे

मौसम और उद्योग की बदलती जरूरतों के बीच इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना से राज्य के तकनीकी छात्रों के लिए उच्च स्तरीय शोध और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। पलामू और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब एआई और रोबोटिक्स जैसी उच्च शिक्षा के लिए बड़े महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकार का मानना है कि इस निवेश से न सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और तकनीकी विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी, जिससे आने वाले समय में राज्य के युवा तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेंगे।