IT शेयरों की बिकवाली से बाजार लड़खड़ाया, Sensex डे-हाई से 500 अंक फिसला

0
5

मुंबई। एशियाई बाजारों की मजबूती और अमेरिकी मार्केट से मिले बेहतर संकेतों के दम पर आज घरेलू शेयर बाजार ने शुरुआत तो बढ़त के साथ की थी, लेकिन यह रौनक ज्यादा देर नहीं टिक सकी और बाजार पर अचानक बिकवाली का दबाव हावी हो गया। भारतीय शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक, सेंसेक्स और निफ्टी, शुरुआती कारोबार में मिली अपनी पूरी बढ़त गंवाकर काफी नीचे आ गए। सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर (इंट्रा-डे हाई) से 500 अंकों से भी अधिक का गोता लगा गया, वहीं दूसरी ओर निफ्टी भी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने के बाद तेजी से फिसल गया। हालांकि, अगर व्यापक बाजार (ब्रोडर मार्केट) की बात करें तो मिडकैप शेयरों में जहां हल्का दबाव देखने को मिल रहा है, वहीं स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में खरीदारी की अच्छी रौनक बनी हुई है।

शुरुआती बढ़त गंवाकर लाल निशान में पहुंचे सूचकांक

कारोबार के दौरान सुबह के समय सेंसेक्स करीब 128 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,600 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया, जबकि निफ्टी 50 भी लगभग 56 अंक यानी 0.24 प्रतिशत की फिसलन के साथ 23,889 के करीब आ गया। आज के उतार-चढ़ाव को देखें तो सेंसेक्स पहले 308 अंक उछलकर 77,037 के स्तर पर पहुंचा था, लेकिन मुनाफावसूली के चलते यह अपने ऊपरी स्तर से 581 अंक से ज्यादा टूटकर 76,455 के निचले स्तर तक चला गया। ठीक इसी तरह, निफ्टी 50 भी शुरुआती सत्र में 89 अंकों की छलांग लगाकर 24,035 के स्तर पर पहुंचा था, जहां से वह अचानक रिवर्स हुआ और 183 अंकों की भारी गिरावट के साथ 23,851 के स्तर तक आ गया।

आईटी और ऑटो शेयरों ने बढ़ाया दबाव, मंथली एक्सपायरी का असर

बाजार को नीचे धकेलने में आज सबसे बड़ी भूमिका सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के शेयरों ने निभाई, जिन्होंने इंडेक्स पर तगड़ा दबाव बनाया। निफ्टी आईटी इंडेक्स में डेढ़ फीसदी से भी ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जबकि एफएमसीजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर के सूचकांकों में भी आधा-आधा फीसदी से अधिक की कमजोरी देखी गई। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसयू बैंक) में करीब आधा फीसदी की बढ़त से बाजार को थोड़ा सहारा मिला। इस भारी उठापटक के पीछे आज होने वाली मंथली एक्सपायरी को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। निफ्टी और बैंक निफ्टी के साथ-साथ कई प्रमुख शेयरों के फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी होने की वजह से निवेशक काफी सतर्कता बरत रहे हैं।

ग्लोबल वोलैटिलिटी और इंडिया विक्स में उछाल से घबराए निवेशक

बाजार में आई इस घबराहट को मापने वाला सूचकांक 'India VIX' (इंडिया विक्स) भी आज 1.35 प्रतिशत की तेजी के साथ 13.80 के स्तर पर पहुंच गया। इस सूचकांक में उछाल का सीधा मतलब यह है कि आने वाले कुछ हफ्तों में बाजार में उतार-चढ़ाव काफी अधिक रहने की आशंका है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव भी निवेशकों को परेशान कर रहा है। वीकेंड के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और छिटपुट हमलों की खबरों ने निवेशकों के मन में एक अनजाना डर पैदा कर दिया है। भले ही दोनों देशों की ओर से फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बताया गया है, लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि इसी वैश्विक अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने घरेलू बाजार की शुरुआती तेजी का फायदा उठाते हुए मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) करना बेहतर समझा, जिससे बाजार दबाव में आ गया।