लाहुल-स्पीति में मौसम बना मुसीबत, हाईवे पर बाढ़ के बाद प्रशासन का अलर्ट

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मनाली: प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली को लेह से जोड़ने वाले मुख्य राजमार्ग पर मौसम और भूगोल के बदलते मिजाज ने यात्रियों की मुश्किलें बेहद बढ़ा दी हैं। इस दुर्गम मार्ग पर स्थित पहाड़ी नालों में अचानक पानी का बहाव अत्यधिक तेज होने के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। इस वजह से हाईवे के दोनों तरफ वाहनों का लंबा जाम लग गया और देश-विदेश से घूमने आए सैकड़ों पर्यटक कई घंटों तक बीच रास्ते में ही फंसे रहने को मजबूर हो गए।

दोपहर से लेकर आधी रात तक बना रहता है खतरा

मार्ग पर सफर करने वाले चालकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती मनाली से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित जिसपा नाला बन चुका है, जहां जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है। स्थानीय इनपुट्स के अनुसार, हर दिन दोपहर दो बजे से लेकर देर रात 12 बजे तक इस नाले में पानी का बहाव बेहद डरावना हो जाता है, जिससे गाड़ियों को पार कराना असंभव हो जाता है। संकट सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि जिसपा से आगे जिंगजिंगबार नाले में भी इसी तरह का खतरनाक उफान लगातार देखा जा रहा है।

बिना बरसात के ही उफन रही हैं पहाड़ी नदियां

इस पूरी स्थिति में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बिना किसी भारी बारिश के ही ये नाले दोपहर के बाद अचानक रौद्र रूप धारण कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दिन के समय तापमान बढ़ने से पर्वतों पर जमी बर्फ तेजी से पिघल रही है, जिससे इन जलस्रोतों में अचानक भारी मात्रा में पानी आ जाता है। यही कारण है कि लाहुल-स्पीति जिले के इन पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाना अब बेहद जोखिम भरा और चुनौतीपूर्ण काम हो गया है।

सुरक्षित यात्रा के लिए स्थानीय प्रशासन की विशेष हिदायत

बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने पर्यटकों और वाहन चालकों के लिए एक आधिकारिक सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि इस मार्ग पर आगे बढ़ने से पहले लोग कंट्रोल रूम या स्थानीय स्रोतों से रास्तों की पूरी और सटीक जानकारी अवश्य हासिल कर लें। इसके साथ ही प्रशासन ने सुझाव दिया है कि इन खतरनाक नालों को केवल सुबह-सवेरे ही सुरक्षित रूप से पार किया जा सकता है, क्योंकि उस समय पानी का स्तर न्यूनतम होता है। दोपहर के बाद सफर करने से हर हाल में बचने की सलाह दी गई है।