नकली पूमा चप्पलों के खिलाफ बड़ी रेड, जबलपुर में भारी मात्रा में माल बरामद; देखें वीडियो

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जबलपुर| जबलपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय ब्रांड 'पूमा' के नाम और लोगो (Logo) का फर्जी इस्तेमाल कर नकली स्लाईडर्स चप्पल बेचने वाले दो बड़े थोक व्यापारियों के खिलाफ पुलिस ने कानून का डंडा चलाया है। इस मामले की शिकायत नई दिल्ली की एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म के वकील और अधिकृत जांच अधिकारी मयंक शर्मा ने लिखित रूप में दर्ज कराई थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने फौरन कार्रवाई के आदेश दिए। कोतवाली पुलिस की विशेष टीम ने तुलाराम चौक पर स्थित 'मैडम फुटवेयर' और जामा मस्जिद के पास अंधेरदेव में संचालित 'आरके फुटवेयर' के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस औचक छापामार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में हूबहू असली जैसी दिखने वाली नकली चप्पलें बरामद की हैं। दोनों दुकानों से कुल 592 जोड़ी नकली स्लाईडर्स जब्त किए गए हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1 लाख 77 हजार 600 रुपये बताई जा रही है।

लाइसेंस के बिना असली बताकर ग्राहकों से हो रही थी धोखाधड़ी

विस्तृत विवरण के अनुसार, पुलिस टीम ने 'मैडम फुटवेयर' के स्टॉक से 284 जोड़ी और 'आरके फुटवेयर' से 308 जोड़ी फर्जी ब्रांडेड चप्पलें अपने कब्जे में ली हैं। जांच में सामने आया कि दोनों प्रतिष्ठानों के मालिक बिना किसी वैध फ्रेंचाइजी, लाइसेंस या मैन्युफैक्चरिंग परमिशन के नामी कंपनी के ट्रेडमार्क का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे थे। वे आम उपभोक्ताओं को कम गुणवत्ता वाला माल असली के दाम पर बेचकर मोटी कमाई कर रहे थे। यह सीधे तौर पर कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा कानून का खुला उल्लंघन है। कोतवाली पुलिस ने जालसाजी करने वाले दोनों दुकानदारों, पंकज खत्री और आवेद अली के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट की धारा 51 और 63 के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।

थोक बाजार में मचा हड़कंप, मुख्य सप्लायर की तलाश तेज

पुलिस प्रशासन द्वारा की गई इस अचानक घेराबंदी से पूरे कपड़ा और जूता बाजार के व्यापारियों में खलबली मच गई है। जबलपुर पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह सुराग लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली सामान की यह बड़ी खेप किस शहर से सप्लाई की जा रही थी और इस रैकेट के मुख्य सूत्रधार कौन हैं। पुलिस अधीक्षक ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि नामी ब्रांड्स के नाम पर जनता को ठगने वाले और पायरेसी को बढ़ावा देने वाले सिंडिकेट्स को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस सफल रेड के लिए स्थानीय उपभोक्ता संगठनों ने पुलिस की सराहना की है। जांच अधिकारी मयंक शर्मा ने पूरी तहकीकात के दौरान पुलिस विभाग को पुख्ता डिजिटल और दस्तावेजी सबूत सौंपे, जिसकी मदद से इस जालसाजी का भंडाफोड़ हो सका।