न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला में मिली करारी शिकस्त और कप्तान बेन स्टोक्स के अचानक संन्यास लेने के बड़े झटकों से इंग्लैंड की टीम अभी तक उबर नहीं पाई है। दूसरी तरफ, भारत का प्रदर्शन भी हालिया दिनों में काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। एक तरफ जहां भारतीय टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप में खिताबी जीत दर्ज की, वहीं घरेलू पिचों पर लगातार दो क्लीन स्वीप के साथ उनका 12 साल का अजेय टेस्ट रिकॉर्ड भी टूट गया। इतना ही नहीं, हाल ही में आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से मिली हार ने उनके टी20 अजेय रथ को भी रोक दिया है। अब ये दोनों ही टीमें अपनी साख बचाने के लिए पांच मैचों की टी20 सीरीज में आमने-सामने होंगी।
आमने-सामने के रिकॉर्ड में भारत का पलड़ा भारी
अगर टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में दोनों टीमों के हालिया रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो भारत ने पिछले दो विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबलों में इंग्लैंड को शिकस्त दी है। इसके अलावा भारतीय सरजमीं पर हुई पिछली सीरीज में मेजबानों ने इंग्लिश टीम को 4-1 से रौंदा था। भले ही आयरलैंड दौरे पर भारत को हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन वे अब भी खेल के इस छोटे प्रारूप में बेहद खतरनाक माने जाते हैं।
इस सीरीज में स्टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह टीम का हिस्सा नहीं हैं, जिन्होंने मुंबई टी20 में 253 रन के विशाल स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव करने में मुख्य भूमिका निभाई थी। दोनों ही टीमों के पास ऐसे आक्रामक बल्लेबाज मौजूद हैं जो सपाट पिचों पर रनों की बरसात कर सकते हैं। हालांकि, यदि गेंदबाजों को पिच से मदद मिली, तो दोनों पक्षों के बड़े हिटर बल्लेबाजों के धैर्य और परिस्थितियों के अनुसार खेलने की क्षमता की असल परीक्षा होगी।
प्लेइंग-11 को लेकर टीम मैनेजमेंट की माथापच्ची
क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को इस सीरीज में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण (डेब्यू) का मौका मिलता है या नहीं।
सूर्यवंशी का इंतजार: टीम प्रबंधन के हालिया संकेतों को देखें तो ऐसा लगता है कि विस्फोटक ओपनर वैभव सूर्यवंशी को अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि मैनेजमेंट स्थापित प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दे रहा है।
ओपनिंग जोड़ी में बदलाव की मांग: आयरलैंड दौरे पर संजू सैमसन के लगातार दो मैचों में फ्लॉप होने के बाद सूर्यवंशी को अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत कराने की मांग तेज हो गई है। अभिषेक ने बेलफास्ट टी20 में 20 गेंदों पर 49 रनों की तेज तर्रार पारी खेली थी, जिससे उनका दावा मजबूत है।
ईशान किशन की फॉर्म: विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन भी पिछले दो मैचों में केवल 1 और 12 रन ही बना सके थे। सूर्यवंशी को शामिल करने के लिए किशन को भी बाहर बैठाया जा सकता है, लेकिन चयनकर्ता खिलाड़ी के मनोबल पर पड़ने वाले असर को भी ध्यान में रख रहे हैं।
भारतीय बल्लेबाजों के लिए विदेशी परिस्थितियां बनीं मुसीबत
तेज गेंदबाजों की मददगार बेलफास्ट की पिच पर भारतीय शीर्ष क्रम काफी संघर्ष करता नजर आया। जब आयरिश गेंदबाजों ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ से बड़े शॉट्स खेलने के मौके बंद कर दिए, तो भारतीय बल्लेबाज दबाव में बिखर गए। दूसरे मैच में तिलक वर्मा ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक जरूर जड़ा, लेकिन वे भी अंत में अपना विकेट गंवा बैठे।
183 और 155 जैसे कड़े लक्ष्यों का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों में क्रीज पर टिकने के बजाय जल्दबाजी साफ दिखी। आईपीएल की सपाट पिचों पर खेलने की आदत से इतर यहां अलग तरह की तकनीक की जरूरत थी। भारतीय बल्लेबाजों को इंग्लैंड की परिस्थितियों के अनुसार अपनी सोच बदलनी होगी, क्योंकि यहां उनका सामना अधिक अनुभवी और धारदार गेंदबाजी आक्रमण से होने वाला है।
वरुण चक्रवर्ती की वापसी से बढ़ा सस्पेंस
भारतीय टीम में मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की वापसी हुई है, जिससे गेंदबाजी आक्रमण मजबूत नजर आ रहा है। हालांकि, उन्हें अंतिम एकादश में शामिल करने के लिए टीम मैनेजमेंट को अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा या प्रिंस यादव में से किसी एक को बाहर करने का बेहद कड़ा फैसला लेना होगा। पिछले दौरों पर भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती सफलताएं तो हासिल कीं, लेकिन मध्य के ओवरों में विरोधी बल्लेबाजों को आसानी से रन बनाने दिए, जिसे सुधारना इस सीरीज में सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
दोनों टीमों की संभावित और घोषित टीमें:
भारत (संभावित प्लेइंग-11): संजू सैमसन/वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, सूर्यांश शेडगे, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, प्रिंस यादव/वरुण चक्रवर्ती।
इंग्लैंड (घोषित प्लेइंग-11): फिल सॉल्ट, जोस बटलर, हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, साकिब महमूद, आदिल राशिद और ल्यूक वुड।









