अंकारा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी जुबान फिसलने के कारण दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गए हैं। तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने ईरान पर चर्चा करते हुए उसे गलती से 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान' कह दिया। उनके इस अजीबोगरीब बयान का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर राजनयिक गलियारों तक हलचल तेज हो गई है।
जुबान फिसलने से अस्तित्व में आया नया 'देश'
नाटो सम्मेलन के इतर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ एक प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी रक्षा प्रणालियों की ताकत का बखान कर रहे थे। इसी दौरान अमेरिकी विमानवाहक पोत 'यूएसएस अब्राहम लिंकन' पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए उनके मुंह से ईरान की जगह जापान का नाम निकल गया। ट्रंप ने कहा, "हमारे विमानवाहक पोत पर 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान' की तरफ से 111 मिसाइलें दागी गई थीं, लेकिन हमारी सेना ने उन सभी को हवा में ही मार गिराया।" हालांकि, उनके अगले ही वाक्यों से यह साफ था कि उनका इशारा अमेरिका के परम मित्र देश जापान की ओर नहीं, बल्कि धुर विरोधी देश ईरान की तरफ था।
एक ही दिन में कई बड़े सियासी कन्फ्यूजन
तुर्किये में चल रहे इस अहम सम्मेलन के दौरान ट्रंप की तरफ से यह इकलौती चूक नहीं थी। इसी बैठक के दौरान उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का परिचय कराते समय उन्हें रूसी राष्ट्रपति 'व्लादिमीर पुतिन' कहकर संबोधित कर दिया। हालांकि, इस बार उन्होंने तुरंत अपनी गलती सुधारी और माहौल को हल्का करने के लिए मजाक भी किया। इसके अलावा, ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते (JCPOA) का नाम लेते समय भी वे थोड़े भ्रमित नजर आए।









