गोपेश्वर| गोपेश्वर उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध चारधामों में से एक, श्री बदरीनाथ धाम में भगवान के चरणों में अर्पित होने वाले चढ़ावे और परिसंपत्तियों की हेराफेरी को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर कई तरह के गंभीर सवाल उठाए जा रहे थे। इस विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब विपक्षी दलों और स्थानीय संगठनों ने मंदिर समिति पर सीधे तौर पर लापरवाही के आरोप मढ़ दिए। इंटरनेट पर प्रसारित हो रहे इन आरोपों में दावा किया जा रहा था कि श्रद्धालुओं और दानी दाताओं द्वारा भगवान बदरी विशाल के नाम पर दान की गई दो अत्याधुनिक जीवन रक्षक एंबुलेंस और एक टेंपो ट्रैवलर वाहन रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए हैं। इस पूरे मामले को लेकर तीर्थयात्रियों और स्थानीय जनता में उपजे भारी असंतोष के बीच अब बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने आधिकारिक तौर पर सामने आकर स्थिति स्पष्ट की है।
मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ ने एक विस्तृत प्रेस नोट जारी करते हुए मंदिर समिति की दो एंबुलेंस, एक टेंपो ट्रैवलर और बैंकों द्वारा दिए गए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (लैपटॉप) के लापता होने के सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार, असत्य और कपोल-कल्पित बताया है। मुख्य कार्याधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि मंदिर समिति के पास अपने सभी वाहनों, चल-अचल संपत्तियों तथा उपहार में मिले प्रत्येक लैपटॉप का एक-एक पैसे का पुख्ता और कानूनी रिकॉर्ड मौजूद है, जिसे कोई भी प्राधिकृत अधिकारी कभी भी चेक कर सकता है।
लापता बताए जा रहे वाहनों का पूरा सच: कहां हैं दोनों एंबुलेंस और टेंपो ट्रैवलर?
मामले को ठंडे बस्ते में डालने और जनता के बीच फैले भ्रम को दूर करने के लिए मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने दोनों एंबुलेंस और टेंपो ट्रैवलर की वर्तमान स्थिति का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया है, जो इस प्रकार है:
पहली एंबुलेंस की स्थिति: मुख्य कार्याधिकारी ने बताया कि मंदिर समिति को दान में मिली एक चालू एंबुलेंस को साल 2022 में स्थानीय जनता और चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की आकस्मिक चिकित्सा सेवा के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), रुद्रप्रयाग को आधिकारिक तौर पर सुपुर्द किया गया था। यह वाहन वर्तमान में भी स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में अपनी सेवाएं दे रहा है।
दूसरी एंबुलेंस की स्थिति: गायब बताई जा रही दूसरी एंबुलेंस के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यह वाहन काफी पुराना हो चुका था। साल 2016 में ही इस एंबुलेंस की मियाद पूरी हो गई थी, जिसके बाद नियमानुसार इसे 'निष्प्रयोज्य' (कबाड़ या उपयोग के अयोग्य) घोषित कर दिया गया था। इस कंडम हो चुके वाहन का पूरा तकनीकी ब्योरा और स्क्रैप से जुड़ी फाइलें आज भी समिति के कार्यालय में सुरक्षित हैं।
टेंपो ट्रैवलर का विवरण: दान में मिले टेंपो ट्रैवलर के गायब होने की अफवाह का सच उजागर करते हुए सीईओ ने बताया कि यह वाहन वर्तमान में पूरी तरह सुरक्षित है। बदरीनाथ धाम के कठिन पर्वतीय रास्तों पर चलने के कारण इस वाहन में कुछ यांत्रिक खराबी आ गई थी। इसकी मुकम्मल और बेहतर मरम्मत (सर्विसिंग) कराने के लिए इसे बदरीनाथ धाम से अस्थायी रूप से देहरादून के अधिकृत सर्विस सेंटर में लाया गया है। काम पूरा होते ही इसे वापस धाम की सेवा में तैनात कर दिया जाएगा।
बैंकों द्वारा दान किए गए लैपटॉप पूरी तरह सुरक्षित, भ्रामक खबरों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
वाहनों के अलावा, कुछ अज्ञात स्रोतों द्वारा यह भी प्रचारित किया जा रहा था कि विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा मंदिर समिति को डिजिटलाइजेशन और प्रबंधन कार्य के लिए सौंपे गए कई कीमती लैपटॉप भी प्रबंधन की मिलीभगत से गायब कर दिए गए हैं। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मुख्य कार्याधिकारी ने स्पष्ट किया कि बैंकों द्वारा मंदिर समिति को समय-समय पर जो भी लैपटॉप या कंप्यूटर सिस्टम दिए गए हैं, वे सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं। इन सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की एंट्री बकायदा मंदिर समिति की आधिकारिक 'स्टॉक बुक' (परिसंपत्ति रजिस्टर) में दर्ज है और इनका उपयोग समिति के कर्मचारी दैनिक कार्यों के लिए कर रहे हैं।
उन्होंने जनता और मीडिया से अपील की है कि किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म या स्थानीय स्तर पर प्रसारित की जा रही लैपटॉप या वाहनों के गायब होने की ऐसी मनगढ़ंत और भ्रामक जानकारियों पर कतई विश्वास न करें। मंदिर समिति अपने सभी वित्तीय संसाधनों, दान में मिलने वाली प्रत्येक छोटी-बड़ी सामग्री और परिसंपत्तियों का कानून के दायरे में रहकर विधिवत अभिलेखीकरण (डॉक्यूमेंटेशन) और सीसीटीवी कैमरों व डिजिटल सॉफ्टवेयर के माध्यम से कड़ाई से ऑडिट और निगरानी करती है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में बिना किसी पुख्ता प्रमाण के सनातन धर्म के इस पावन केंद्र की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से ऐसी भ्रामक और झूठी खबरें फैलाई गईं, तो समिति आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।









