सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से एक दिल दहला देने वाली और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. यहाँ एक सूने और बंद पड़े मकान के भीतर सरकारी शिक्षक दंपती के पूरी तरह से जले हुए शव मिलने से हड़कंप मच गया है. आगजनी की इस खौफनाक घटना में दोनों की देह इस कदर जल चुकी थी कि बेडरूम में सिर्फ उनके कंकाल ही शेष बचे मिले. घर के भीतर मौजूद टीवी, फ्रिज, कूलर समेत गृहस्थी का सारा कीमती सामान भी जलकर पूरी तरह राख के ढेर में तब्दील हो चुका है. पिछले दो दिनों से घर का दरवाजा न खुलने और लगातार फोन किए जाने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला, तब अनहोनी की आशंका में पड़ोसियों ने मकान के पास जाकर देखा. इसके बाद अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए.
भीतर से बंद था दरवाजा, कुंडी तोड़कर अंदर घुसे ग्रामीण तो बेड पर पड़े मिले दो कंकाल
यह पूरी रूहकँपाने वाली घटना उगली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उगली ग्राम की है. यहाँ रहने वाले समन सिंह धुर्वे और उनकी पत्नी मालती धुर्वे दोनों ही शिक्षा विभाग में पदस्थ थे. समन सिंह की नियुक्ति मोहबर्रा के दामीझोला में थी, जबकि उनकी पत्नी मालती केवलारी क्षेत्र के कुम्हड़ा गांव के स्कूल में अपनी सेवाएं दे रही थीं. दंपती के बच्चे घर से दूर बाहर रहकर अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर रहे हैं, जिसके कारण इस मकान में केवल यह शिक्षक दंपती ही निवास करता था.
स्थानीय निवासियों ने बताया कि दोनों ही बेहद मिलनसार और शांत स्वभाव के थे और उनका आस-पड़ोस के लोगों के साथ बहुत ही मधुर व्यवहार था. परंतु, पिछले दो दिनों से उनके घर में कोई हलचल नहीं देखी गई और न ही वे बाहर आए. जब परिचितों ने उनके मोबाइल पर संपर्क साधने की कोशिश की, तो फोन लगातार बजता रहा पर किसी ने उसे रिसीव नहीं किया. इसके बाद चिंतित ग्रामीणों ने घर के पास जाकर देखा तो मुख्य दरवाजा अंदर से पूरी तरह लॉक था. काफी आवाजें देने और खटखटाने के बाद भी जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो ग्रामीणों ने सूझबूझ से दरवाजा तोड़ा और भीतर दाखिल हुए. अंदर चारों तरफ कालिख फैली थी, सारे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जल चुके थे और बिस्तर पर दंपती के जले हुए कंकाल पड़े थे. इसके तुरंत बाद ग्रामीणों ने उगली थाना पुलिस को इस वीभत्स घटना की सूचना दी.
डीएनए (DNA) टेस्ट से की जाएगी कंकालों की पहचान, हत्या या दुर्घटना के कोण पर जांच जारी
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. विशेषज्ञों ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने के बाद अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया है. आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि शव पूरी तरह से जलकर कंकाल का रूप ले चुके थे, जिससे उनकी सामान्य शिनाख्त कर पाना नामुमकिन था.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शवों की वैज्ञानिक और कानूनी पहचान सुनिश्चित करने के लिए उनका डीएनए (DNA) टेस्ट कराया जाएगा. बाहर पढ़ रहे मृतक दंपती के बच्चों को इस भीषण त्रासदी की सूचना दे दी गई है, जिनके सिवनी पहुंचने पर उनके सैंपल भी डीएनए मिलान के लिए एकत्र किए जाएंगे. फिलहाल, पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि यह शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग से हुई कोई भीषण दुर्घटना है, या फिर किसी गहरी रंजिश और सोची-समझी साजिश के तहत इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया है. पुलिस को अब विस्तृत पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा. तब तक पुलिस हर संभावित कोण से इस मामले की बारिकी से तफ्तीश कर रही है.









