सवाई माधोपुर: नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में सवाई माधोपुर जिले के बौंली कस्बे में सोमवार देर शाम एक विशाल छात्र न्याय कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। बामनवास विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष इंदिरा मीणा तथा जिला सचिव सिराज खान के नेतृत्व में निकले इस शांतिपूर्ण मार्च में क्षेत्र के युवाओं, छात्र-छात्राओं और स्थानीय निवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रदर्शन के माध्यम से परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता और पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की पुरजोर आवाज उठाई गई।
नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरा मशाल और मोमबत्तियों का जुलूस
यह कैंडल मार्च बौंली पुलिस थाने से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य बाजारों और व्यस्त चौराहों से होता हुआ नगर पालिका स्थित अंबेडकर सर्किल पर समाप्त हुआ। जुलूस में शामिल युवा हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और जलती हुई मोमबत्तियां लिए हुए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने और युवाओं के अधिकारों की रक्षा करने से जुड़े जोरदार नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
अंबेडकर सर्किल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
अंबेडकर सर्किल पहुंचने के पश्चात एक शोक एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान नीट प्रकरण से जुड़ी घटनाओं और आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
युवाओं और छात्रों के भविष्य को लेकर उठाई गई आवाज
सभा को संबोधित करते हुए विधायक इंदिरा मीणा ने कहा कि नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी केवल एक परीक्षा से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के लाखों होनहार अभ्यर्थियों के भविष्य और उनके कठिन परिश्रम पर सीधा आघात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी जायज मांगें रख रहे छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार लोकतंत्र की मर्यादाओं के विपरीत है।
छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प
जनसभा के दौरान वक्ताओं ने अभ्यर्थियों के साथ पूरी मजबूती से खड़े रहने और उनके न्याय की लड़ाई को हर स्तर पर लड़ने का संकल्प दोहराया। इसके साथ ही आंदोलनरत युवाओं के साथ हुई किसी भी प्रकार की प्रशासनिक सख्ती की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर तुरंत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई।









