रेलवे स्टेशन पर हंगामा, RPF पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर शख्स ने किया हाई वोल्टेज ड्रामा

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दमोह: आम तौर पर सुरक्षित माने जाने वाले रेलवे स्टेशन और प्लेटफार्म भी अब पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गए हैं, क्योंकि मध्य प्रदेश के दमोह रेलवे स्टेशन पर हाल ही में सामने आई एक चौंकाने वाली वारदात ने यहां की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीती रात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने प्लेटफार्म पर हंगामा कर रहे एक शख्स को दबोच लिया और हिरासत में ले लिया। आरोपी पर गंभीर आरोप है कि उसने अत्यधिक शराब के नशे में एक महिला यात्री के साथ अभद्रता व छेड़छाड़ की तथा अन्य यात्रियों को भी काफी परेशान किया।

मेडिकल परीक्षण के दौरान आरोपी के बेतुके दावे

इस शर्मनाक हरकत के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर देर रात जिला अस्पताल में अनिवार्य मेडिकल परीक्षण के लिए लाया गया। नशे में धुत अस्पताल पहुंचे इस शख्स ने अपना नाम विनोद पाठक और निवास दमोह बताया। हालांकि, मीडिया के कैमरे के सामने आते ही इस आरोपी ने अपनी गलती छिपाने के लिए आरपीएफ कर्मियों पर ही पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगने का गंभीर और मनगढ़ंत आरोप लगा दिया। आइए जानते हैं इस पूरे मामले की पूरी सच्चाई क्या है।

आरोपी विनोद पाठक का अपना पक्ष

गिरफ्तार किए गए व्यक्ति के मुताबिक, वह रात करीब 9 बजे हरिद्वार जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचा था। उसका दावा है कि स्टेशन के बाहर कुछ ऑटो चालकों के साथ उसकी मामूली कहासुनी हो गई थी, जिसके बाद वे लोग उसे जबरन पकड़कर आरपीएफ के सुपुर्द कर आए और अब उस पर महिला से छेड़छाड़ जैसे झूठे आरोप मढ़े जा रहे हैं। उसने यह भी दावा किया कि रात 9 बजे से लेकर देर रात तक उसके साथ मारपीट की गई और आरपीएफ थाने में उससे पांच हजार रुपये की मांग की जा रही है, तथा पैसे देने से इनकार करने पर उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।

आरपीएफ (RPF) का आधिकारिक पक्ष

दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आरपीएफ के अधिकारी अनिल यादव ने स्पष्ट किया कि इस शख्स की आपत्तिजनक और असामाजिक हरकतों के बाद ही उसे हिरासत में लिया गया था।

  • जांच में यह बात सामने आई कि वह बिना किसी वैध टिकट या अनुमति के प्लेटफॉर्म पर अनधिकृत रूप से दाखिल हुआ था।

  • प्रारंभिक जांच के दौरान वह महिला यात्री के साथ छेड़छाड़ करते हुए रंगे हाथों पाया गया तथा उसने स्टेशन परिसर में बैठे अन्य यात्रियों का भी जीना मुहाल कर दिया था।

आरपीएफ अधिकारियों ने आरोपी द्वारा लगाए गए रिश्वत मांगने के सभी निराधार आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।