गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में हथियारों के दुरुपयोग और लाइसेंस से जुड़ी मूल पत्रावलियों तथा क्रय-विक्रय दस्तावेजों को साठगांठ कर गायब कराने के गंभीर मामलों में पुलिस ने समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ पिछले छह दिनों के भीतर दूसरी बार प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के दायरे में तत्कालीन शस्त्र लिपिक प्रेमाशंकर वर्मा को भी आरोपी बनाया गया है।
शस्त्र पत्रावली गायब कराने का गंभीर षड्यंत्र
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई कुख्यात आईएस-191 मुख्तार अंसारी गिरोह के सदस्यों, उनके सहयोगियों और परिवार के लोगों के नाम पर जारी शस्त्र लाइसेंसों के दुरुपयोग की चल रही व्यापक जांच का हिस्सा है।
जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि सपा सांसद अफजाल अंसारी के शस्त्र लाइसेंस संख्या 1241/पी 11 से संबंधित मूल पत्रावली और खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेज योजनाबद्ध तरीके से गायब करा दिए गए हैं।
आरोप है कि इसके लिए सांसद ने तत्कालीन शस्त्र लिपिकों के साथ मिलकर गहरी साजिश रची थी।
जांच में यह भी पता चला कि दशकों पहले अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले के अलोंग कस्बे से इस लाइसेंस पर एक एनपीबी राइफल (संख्या 86 एबी 1926) और एक 32 बोर की रिवॉल्वर (संख्या ए-12741) का क्रय-विक्रय किया गया था। रिकॉर्ड और पत्रावली गायब होने के कारण इन हथियारों की वर्तमान भौतिक स्थिति का सत्यापन नहीं हो पा रहा है।
51 शस्त्र लाइसेंसों पर हुआ 145 हथियारों का क्रय-विक्रय
जिला प्रशासन और पुलिस का शिकंजा मुख्तार अंसारी गिरोह के करीबियों पर लगातार कसता जा रहा है। अब तक की जांच में यह बात उजागर हुई है कि मुख्तार गिरोह के सहयोगियों, परिजनों और रिश्तेदारों द्वारा कुल 51 शस्त्र लाइसेंसों की आड़ में 145 शस्त्रों का क्रय-विक्रय किया गया था।
जैसे-जैसे पुलिस विभिन्न हथियारों के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है, इस आपराधिक नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि जानबूझकर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के अभिलेखागार (रिकॉर्ड रूम) से मूल फाइलें गायब कराई गईं ताकि आईएस-191 गैंग के सदस्य इन हथियारों का इस्तेमाल बेखौफ होकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने में कर सकें।
छह दिनों में कई नामी चेहरों पर दर्ज हुए मुकदमे
गाजीपुर पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले कुछ दिनों के भीतर दस्तावेजों से छेड़छाड़ और फाइलें गायब करने के आरोप में कई बड़े नाम सामने आए हैं:
22 जुलाई: पुलिस ने शस्त्र लाइसेंस की फाइलें अभिलेखागार से गायब करने की साजिश के आरोप में सपा सांसद अफजाल अंसारी, तत्कालीन शस्त्र लिपिक अशफाक अहमद और गौरी शंकर राम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
23 जुलाई: शहर कोतवाली में मुख्तार अंसारी की पत्नी और 50 हजार रुपये की इनामी आफ्शा अंसारी समेत तीन लोगों पर रिवॉल्वर की खरीद-फरोख्त की फाइल गायब करने का मामला दर्ज हुआ।
24 जुलाई: आईएस-191 गिरोह के सहयोगी मोहम्मद शाहिद सहित तीन अन्य लोगों के खिलाफ फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस हासिल करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि दस्तावेजों की गहन छानबीन जारी है, और जैसे-जैसे नए और ठोस सबूत हाथ लग रहे हैं, इस आपराधिक गठजोड़ से जुड़े हर व्यक्ति के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।









