नई दिल्ली| इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में से एक चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पूर्व हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग जल्द ही इंग्लैंड की टेस्ट क्रिकेट टीम के नए मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह ब्रेंडन मैकुलम का स्थान लेंगे।
ब्रेंडन मैकुलम के साथ काम करेंगे फ्लेमिंग
इंग्लैंड की टेस्ट टीम के कोच पद के लिए लगभग एक सप्ताह तक चली चयन प्रक्रिया के बाद स्टीफन फ्लेमिंग इस रेस में सबसे आगे निकल आए हैं। वह अपने ही देश के ब्रेंडन मैकुलम के साथ मिलकर काम करेंगे, जो फिलहाल इंग्लैंड की व्हाइट-बॉल (वनडे और टी20) टीमों के कोच बने रहेंगे। बेन स्टोक्स के संन्यास और एशेज तथा न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद प्रबंधन में ये बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।
इन दिग्गजों को पीछे छोड़ा
इंग्लैंड की टीम का अगला टेस्ट मुकाबला तीन हफ्ते बाद पाकिस्तान के खिलाफ होना है, जिसके लिए टीम के पास फिलहाल नियमित कप्तान और कोच नहीं थे। रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) फ्लेमिंग को यह जिम्मेदारी सौंपने का इच्छुक है। इस दौड़ में उन्होंने इंग्लैंड के रिचर्ड डॉसन, जोनाथन ट्रॉट और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर टॉम मूडी जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है। शुरुआती दौर में एंडी फ्लावर को मुख्य दावेदार माना जा रहा था, लेकिन उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और अन्य फ्रेंचाइजी प्रतिबद्धताओं के चलते अपना नाम वापस ले लिया था।
चेन्नई सुपर किंग्स के साथ रहा शानदार सफर
वर्ष 2008 में अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद स्टीफन न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ने चेन्नई सुपर किंग्स के हेड कोच के रूप में लंबा समय बिताया और अपनी शानदार रणनीतिक सोच के दम पर टीम को आईपीएल की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में से एक बनाया। इसके अलावा उन्होंने मेजर लीग क्रिकेट में टेक्सास सुपर किंग्स और साउथ अफ्रीका की SA20 लीग में जोबर्ग सुपर किंग्स की कोचिंग की जिम्मेदारी भी संभाली है।
इंग्लिश घरेलू क्रिकेट का अनुभव
स्टीफन फ्लेमिंग के पास इंग्लिश घरेलू क्रिकेट का भी अच्छा अनुभव है। उन्होंने वर्ष 2024 तक 'द हंड्रेड' प्रतियोगिता में सदर्न ब्रेव के साथ दो सीजन बिताए थे। अपने खिलाड़ी जीवन के दिनों में उन्होंने काउंटी क्रिकेट में नॉटिंघमशायर का प्रतिनिधित्व करने के साथ-साथ यॉर्कशायर और मिडलसेक्स के लिए भी बेहतरीन प्रदर्शन किया था।
फिलहाल यह तय नहीं है कि पाकिस्तान के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले फ्लेमिंग टीम के साथ जुड़ पाएंगे या नहीं। यदि जरूरी हुआ, तो ECB असिस्टेंट कोच मार्कस ट्रेस्कोथिक को अंतरिम तौर पर यह जिम्मेदारी सौंप सकता है। नए कोच के सामने सबसे बड़ी चुनौती अगले साल गर्मियों में होने वाली एशेज सीरीज से पहले टीम को तैयार करना होगी, क्योंकि इंग्लैंड ने साल 2015 के बाद से एशेज सीरीज नहीं जीती है।









