प्रयागराज: वर्षों से उपेक्षा की शिकार रही पूर्व सांसद फिरोज गांधी (Feroze Gandhi) की कब्रगाह अचानक उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। प्रयागराज के मम्फोर्डगंज में स्थित इस ऐतिहासिक स्थल पर लंबे समय से किसी बड़े राजनीतिक चेहरे ने कदम नहीं रखा था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की हालिया गतिविधियों के बाद यह स्थान फिर से सुर्खियों में है।
कब्रगाह के रखरखाव पर सरकार की नजर
सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को कब्रगाह परिसर की सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी इंतजामों पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। यद्यपि इस स्थल का प्रबंधन पारसी समुदाय के हाथों में है, फिर भी इसकी बदहाली को लेकर कई बार सवाल खड़े किए जा चुके हैं।
केयरटेकर का दावा: वर्षों से नहीं आया गांधी परिवार
कब्रगाह के केयरटेकर अनिल ने बताया कि वर्षों पहले सोनिया गांधी और फिर राहुल गांधी यहां आए थे, लेकिन उसके बाद से गांधी-नेहरू परिवार का कोई सदस्य यहां नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि 8 सितंबर को फिरोज गांधी की पुण्यतिथि पर भी बेहद कम लोग ही उन्हें याद करने पहुंचते हैं। हाल ही में भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने यहां पहुंचकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की थी।
भाजपा का कांग्रेस पर तीखा प्रहार
प्रकाश पाल ने कहा कि जिस व्यक्तित्व को कांग्रेस ने भुला दिया, भाजपा उन्हें पूरा सम्मान देने का कार्य करेगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल गांधी के संभावित प्रयागराज दौरे से पहले भाजपा इस अनदेखी को बड़ा सियासी मुद्दा बना रही है। कुंभ मेले के दौरान भी एक भाजपा मंत्री ने यहां आकर श्रद्धांजलि दी थी।
झाड़ियों में तब्दील हुआ ऐतिहासिक स्थल
फिरोज गांधी की कब्र पर अंग्रेजी में उकेरा गया संदेश "He Is Not Dead…" आज भी देखा जा सकता है, लेकिन इसके अक्षर टूटने लगे हैं। पूरा परिसर जर्जर हालत में है, चारों तरफ झाड़ियां उग आई हैं और रोशनी के लिए लगा खंभा लंबे समय से बंद है। हाल ही में पारसी समुदाय के एक प्रतिनिधि ने भी स्थल का जायजा लेकर इसकी दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता जताई थी।







