13 भर्तियों के इंटरव्यू डेट्स जारी, RPSC ने आवेदन फॉर्म में सुधार को लेकर भी दी जानकारी

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अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने आगामी भर्ती परीक्षाओं और साक्षात्कारों को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोग ने विभिन्न विभागों में सहायक आचार्य पदों के लिए साक्षात्कार तिथियों की घोषणा करने के साथ-साथ अभ्यर्थियों के लिए आवेदन संशोधन और जूनियर लीगल ऑफिसर परीक्षा की मॉडल उत्तरकुंजियाँ जारी कर दी हैं।

सहायक आचार्य पदों के साक्षात्कार का कार्यक्रम

चिकित्सा शिक्षा विभाग और कॉलेज शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न विषयों के सहायक आचार्य पदों के लिए साक्षात्कार 17 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक आयोजित किए जाएंगे। चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत रेडियोडायग्नोसिस, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी और सुपर स्पेशियलिटी विषयों के साक्षात्कार तय तिथियों पर संपन्न होंगे। इसी प्रकार, कॉलेज शिक्षा विभाग के अंतर्गत जूलॉजी, होम साइंस और फिलॉसफी विषयों के साक्षात्कार 20 और 21 अगस्त 2026 को होंगे। साक्षात्कार में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपना नवीनतम रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो, मूल पहचान पत्र और सभी मूल प्रमाण पत्रों की प्रतियों के साथ निर्धारित समय पर उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है।

आवेदन में संशोधन और फॉर्म वापस लेने की सुविधा

आरपीएससी ने सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी परीक्षा-2025 के लिए ऑनलाइन संशोधन प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभ्यर्थी 11 से 17 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से अपने फॉर्म में सुधार कर सकेंगे, हालांकि नाम, माता-पिता के नाम, फोटो, जन्मतिथि और जेंडर में बदलाव की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए पांच सौ रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, जिन अभ्यर्थियों के पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता नहीं है, वे भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए एसएसओ पोर्टल के जरिए अपना आवेदन सुरक्षित रूप से वापस (विड्रॉ) भी कर सकते हैं।

जूनियर लीगल ऑफिसर परीक्षा की मॉडल आंसर-की जारी

आयोग द्वारा जूनियर लीगल ऑफिसर (जयपुर विकास प्राधिकरण) परीक्षा-2025 के सभी चारों प्रश्न पत्रों की मॉडल उत्तरकुंजियाँ अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई हैं। यदि किसी परीक्षार्थी को इन उत्तरकुंजियों पर कोई संदेह या आपत्ति है, तो वे 12 अगस्त से 14 अगस्त 2026 को रात्रि बारह बजे तक ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। प्रत्येक प्रश्न के लिए एक सौ रुपये का शुल्क तय किया गया है और आपत्तियां केवल प्रमाणित पुस्तकों व स्रोतों के आधार पर ही स्वीकार की जाएंगी।