गॉल: श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय ओपनर यशस्वी जायसवाल बेहद विवादित तरीके से रन आउट हो गए। इस घटना ने खेल भावना को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है, क्योंकि जायसवाल विरोधी टीम के गेंदबाज की टक्कर की वजह से पिच पर गिरे थे, जिसके चलते उन्हें अपनी विकेट गंवानी पड़ी।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना भारतीय पारी के 11वें ओवर में घटी। डेब्यू कर रहे श्रीलंकाई गेंदबाज केशरा नुवांथा की गेंद पर केएल राहुल ने उन्हीं की दिशा में शॉट खेलकर सिंगल के लिए कॉल किया। रन लेने के लिए भागते समय गेंदबाज नुवांथा अचानक यशस्वी जायसवाल के रास्ते में आ गए और दोनों के बीच टक्कर हो गई, जिससे जायसवाल का संतुलन बिगड़ गया और वे जमीन पर गिर पड़े।
इस अप्रत्याशित टक्कर से दोनों बल्लेबाजों के बीच गफलत पैदा हो गई और केएल राहुल तथा यशस्वी जायसवाल दोनों एक ही छोर (नॉन-स्ट्राइकर एंड) पर पहुंच गए। इसके बाद गेंद विकेटकीपर निरोशन डिकवेला के पास पहुंची। रिप्ले में देखा गया कि डिकवेला ने बेल्स गिराने से पहले श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा की तरफ देखा था और आपस में चर्चा भी की थी। हालांकि, कप्तान की तरफ से अपील वापस लेने का कोई इशारा नहीं मिलने पर विकेटकीपर ने गिल्लियां बिखेर दीं और जायसवाल को रन आउट करार दे दिया गया।
खेल भावना पर उठे सवाल
क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि जायसवाल गेंदबाज की गलती और टक्कर की वजह से गिरे थे, ऐसे में श्रीलंकाई टीम को खेल भावना (Spirit of Cricket) का परिचय देते हुए अपील वापस लेनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। आउट होने से पहले जायसवाल ने 37 गेंदों पर 5 चौकों की मदद से 32 रनों की शानदार पारी खेली थी।
लंच तक भारत का स्कोर 101/1
इस मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। जायसवाल के आउट होने के बाद केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल ने पारी को संभाला। भारत ने पहले दिन लंच तक 27 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 101 रन बना लिए थे, जिसमें केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल क्रीज पर डटे हुए थे।









