साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा, बरा के ATM से रकम निकालने के आरोप में दो गिरफ्तार

0
5

डबरा: साइबर ठगी के जरिए ठगा गया पैसा ठिकाने लगाने और उसकी हेराफेरी करने वाले डबरा के दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हुई विभिन्न साइबर ठगी की वारदातों से जुड़ी अवैध रकम को डबरा के सराफा बाजार स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम (ATM) से कई बार निकाला था।

ऑपरेशन Q-ATM के तहत सीसीटीवी फुटेज से हुए बेनकाब

पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन Q-ATM' के अंतर्गत जब क्यू-एटीएम सर्वर में सुरक्षित सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की तकनीकी जांच की गई, तो दोनों आरोपी कैमरे में संदिग्ध अवस्था में नजर आए। इसके बाद जब उनके बैंक खातों की गहन छानबीन की गई, तो यह बात सामने आई कि इनके खातों में 10 से अधिक बार साइबर ठगी की बड़ी रकम ट्रांसफर हुई थी। इसी पुख्ता आधार पर खातों को चिन्हित कर शुक्रवार रात पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया।

क्रिप्टो करेंसी में बदलते थे ठगी का काला धन

पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों की पहचान गौरव (पुत्र मोहर सिंह रावत, निवासी रावकला, थाना बड़ौनी, जिला दतिया) और रमन (पुत्र ब्रजमोहन रावत, निवासी गौतम विहार, गल्ला मंडी गेट के सामने, डबरा देहात) के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वे एटीएम से ठगी का यह अवैध पैसा निकालते थे और तुरंत बाद उसे क्रिप्टो करेंसी (Crypto Currency) में कन्वर्ट (बदल) लेते थे।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। 'ऑपरेशन Q-ATM' के तहत इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को लेकर पुलिस द्वारा की गई यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है, और मामले में आगे की विस्तृत जांच जारी है।