मैनचेस्टर सुपरजाएंट्स ने रचा इतिहास, डेब्यू सीजन में जीता खिताब; संजीव गोयनका का पोस्ट छाया

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द हंड्रेड (The Hundred) के छठे संस्करण का समापन मैनचेस्टर सुपरजाएंट्स के लिए बेहद ऐतिहासिक और यादगार रहा। रविवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए पुरुष वर्ग के खिताबी मुकाबले में मैनचेस्टर सुपरजाएंट्स ने ट्रेंट रॉकेट्स को पांच विकेट से मात देकर पहली बार इस ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया है। टीम की इस ऐतिहासिक जीत के बाद फ्रेंचाइजी के मालिक संजीव गोयनका का भावुक रिएक्शन सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा का विषय बना हुआ है।

रोमांचक फाइनल मुकाबले का रोमांच

लॉर्ड्स में खेले गए खिताबी मुकाबले में ट्रेंट रॉकेट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 100 गेंदों में 8 विकेट के नुकसान पर 158 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी मैनचेस्टर सुपरजाएंट्स की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। विस्फोटक सलामी बल्लेबाज टिम सीफर्ट ने मात्र 38 गेंदों पर 72 रनों की तूफानी पारी खेलकर टीम को मजबूत नींव दी। हालांकि, मुकाबला आखिरी पलों में बेहद रोमांचक हो गया और मैनचेस्टर को जीत के लिए अंतिम 3 गेंदों पर 3 रनों की दरकार थी। ऐसे में दबाव के क्षणों में लियाम डॉसन ने शानदार छक्का जड़कर टीम को ऐतिहासिक जीत दिला दी। इस तरह पांच विकेट से मैच जीतकर मैनचेस्टर ने पहली बार 'द हंड्रेड' का खिताब अपने नाम कर लिया।

पहले ही सीजन में गोयनका की टीम बनी चैंपियन

यह खिताबी जीत संजीव गोयनका के लिए बेहद खास है, क्योंकि मैनचेस्टर सुपरजाएंट्स उनकी क्रिकेट फ्रेंचाइजी का नया अध्याय है। आईपीएल में लखनऊ सुपरजाएंट्स (LSG) के सह-मालिक गोयनका आमतौर पर मैदान पर अपनी सख्त और जोशीली प्रतिक्रियाओं के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार जीत के बाद उनका एक बेहद भावुक और सौम्य रूप देखने को मिला।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, "हमारे पहले ही सीजन में चैंपियन! मैनचेस्टर सुपरजाएंट्स। लॉर्ड्स में क्या रात रही। हम सभी के लिए यह गर्व का पल है।"

पूरी टीम के प्रयास को सराहा

संजीव गोयनका ने अपनी पोस्ट में टीम के हर खिलाड़ी के योगदान की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कप्तान जोस बटलर से लेकर टिम सीफर्ट और नूर अहमद के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा:

  • "पहले मैच से आखिरी मैच तक यह पूरी टीम का सामूहिक प्रयास था। टिम, क्या शानदार पारी खेली! नूर ने गेंद के साथ बेहतरीन स्पेल फेंका और अहम मौकों पर विकेट चटकाए।"

  • "जोस बटलर ने पूरे सीजन में आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व किया और नॉकआउट मुकाबलों में जिस तरह पूरी टीम एकजुट होकर खेली, उसी ने इस सीजन की तकदीर बदल दी।"

गोयनका ने उन तमाम समर्थकों का भी विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने हर मुश्किल परिस्थिति में टीम का हौसला बढ़ाया और अंत तक साथ निभाया।

मैनचेस्टर ओरिजिनल्स से बनी मैनचेस्टर सुपरजाएंट्स

आपको बता दें कि इस टीम का पुराना नाम 'मैनचेस्टर ओरिजिनल्स' था। इस साल संजीव गोयनका ने इस फ्रेंचाइजी की ओनरशिप अपने हाथों में ली और इसका नाम बदलकर 'मैनचेस्टर सुपरजाएंट्स' कर दिया। नाम बदलने के साथ ही टीम ने अपने पहले ही सीजन में चैंपियन बनकर इस बदलाव को सोने पर सुहागा बना दिया।

खिताब जीतकर भावुक हुए कप्तान जोस बटलर

मैनचेस्टर सुपरजाएंट्स के कप्तान जोस बटलर के लिए भी यह जीत बेहद भावनाओं से भरी रही। मैच के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, "यह भावनाओं का एक खूबसूरत मिश्रण है—जीत की अपार खुशी, उत्साह और आखिरी कुछ गेंदों के तनाव के बाद थोड़ी राहत। यह हम सभी की शानदार कोशिश का नतीजा है।"

बटलर ने टीम के कमबैक का जिक्र करते हुए कहा कि यहां तक का सफर आसान नहीं था और ट्रॉफी उठाने के लिए उन्हें लगातार पांच मुकाबले जीतने पड़े। उन्होंने गर्व से कहा कि उनकी टीम इस खिताब की पूरी हकदार थी।