अभिनेता प्रकाश राज (Actor Prakash Raj) एक बार फिर अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर कड़ा निशाना साधते हुए सरकार से सवाल करने और असहमति जताने वाले नागरिकों का समर्थन किया है। प्रकाश राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा कर इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
‘सवाल पूछने वालों को बताया जा रहा है नक्सली’
वीडियो में प्रकाश राज ने कहा कि लंबे समय से सरकार से सवाल पूछने और नीतियों का विरोध करने वालों को ‘अर्बन नक्सल’, ‘देश-विरोधी’ और अन्य लेबल दिए जाते रहे हैं, और अब इन्हें ‘दिमागी नक्सल’ कहा जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना और जवाब मांगना लोकतंत्र में किसी भी तरह से गलत नहीं है।
सरकारी स्कूलों की बदहाली का उठाया मुद्दा
एक्टर ने वीडियो में जमीनी हकीकत का जिक्र करते हुए कहा कि जिन लोगों को ‘दिमागी नक्सली’ करार दिया जा रहा है, वे असल में गांवों के सरकारी स्कूलों में जाकर वहां के टूटे-फूटे टॉयलेट्स, कक्षाओं की कमी, शिक्षकों की कमी और खराब सड़कों जैसी बुनियादी समस्याओं को उजागर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के विकास से जुड़े इन मुद्दों पर सवाल उठाना बेहद जरूरी है।
‘दिमागी बनो, बेवकूफ नहीं’
प्रकाश राज ने देश की जनता से अपील करते हुए कहा कि लोगों को मुखर होकर सवाल पूछने और अपनी बात रखने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, “दिमागी बनो, बेवकूफ नहीं, अंधभक्त नहीं। सवाल करो, गुलामी नहीं।” उनका यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।









