रूस-ईरान की नजदीकी से अमेरिका नाराज, एयरलाइंस पर प्रतिबंध की तैयारी

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वाशिंगटन। अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक शिकंजा कसने के लिए एक नई और सख्त रणनीति तैयार की है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ईरान की सहायता करने वाले किसी भी देश या निजी कंपनी को भारी परिणाम भुगतने होंगे। यह बयान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा ईरान के समर्थन में दिए गए हालिया बयान के ठीक एक दिन बाद आया है।

वैश्विक समुदाय और कंपनियों को सीधी चेतावनी

फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम 'फॉक्स एंड फ्रेंड्स' में बातचीत के दौरान बेसेंट ने वैश्विक मंच पर कड़ा संदेश दिया:

  • मदद बंद करने की अपील: बेसेंट ने कहा कि संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने का सबसे तेज उपाय यही है कि कोई भी देश या संस्था ईरान को किसी भी प्रकार की सहायता न दे।

  • मददगारों पर नजर: उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका उन सभी देशों और कंपनियों से बातचीत कर रहा है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ईरान का समर्थन कर रहे हैं, और उनके खिलाफ दंडात्मक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

हवाई सेवा, समुद्री व्यापार और डिजिटल एसेट्स पर नया शिकंजा

ट्रंप प्रशासन ईरान की अर्थव्यवस्था के उन प्रमुख रास्तों को पूरी तरह अवरुद्ध करने की योजना बना रहा है, जिनके जरिए धन या सामग्री का लेन-देन संभव होता है:

  • विमानन एवं समुद्री क्षेत्र: वाणिज्यिक एयरलाइंस, एयरलाइन लीजिंग कंपनियों और समुद्री शिपिंग उद्योग को नए प्रतिबंधों के दायरे में लाया जाएगा, जिससे ईरान के सामानों के आयात-निर्यात और यात्री परिवहन पर सीधा असर पड़ेगा।

  • बैंकिंग प्रतिबंध: चालू सप्ताह में ईरानी बैंकिंग तंत्र पर अतिरिक्त और कठोर वित्तीय पाबंदियां लगाने की तैयारी है।

  • डिजिटल एसेट्स और क्रिप्टो पर निगरानी: प्रतिबंधों से बचने के लिए क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल संपत्तियों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था की जा रही है।

ट्रेजरी सेक्रेटरी के अनुसार, इस आक्रामक आर्थिक रणनीति का मुख्य उद्देश्य ईरान की वित्तीय आपूर्ति शृंखला (सप्लाई चेन) को पूरी तरह पंगु बनाकर उस पर अधिकतम दबाव बनाना है।