नई दिल्ली। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और मंत्रियों की विभागीय दक्षता का आकलन करने के उद्देश्य से सोमवार शाम एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस अहम बैठक में मुख्य रूप से सामाजिक न्याय, सामाजिक कल्याण और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रभाव का बारीक मूल्यांकन किया जाएगा।
सामाजिक कल्याण और शिक्षा क्षेत्र पर मुख्य फोकस
बैठक के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा शिक्षा जैसे प्रमुख मंत्रालयों की कार्यप्रणाली का गहन विश्लेषण किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार की प्राथमिकता वाली नीतियां और कल्याणकारी योजनाएं धरातल पर सुचारू रूप से लागू हों और उनका सीधा लाभ लक्षित वर्गों तक तेजी से पहुंचे।
राज्य मंत्रियों की सीमित उपस्थिति और जवाबदेही
इस समीक्षा सत्र में पूरे मंत्रिमंडल के बजाय केवल सामाजिक कल्याण और शिक्षा से जुड़े विभागों का प्रभार संभाल रहे राज्य मंत्रियों और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों के चुनिंदा वर्ग को ही शामिल किया गया है। बैठक में मंत्रियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन, विभागीय प्राथमिकताओं और बजटीय आवंटन के कुशल उपयोग पर सीधी बात होगी।
कैबिनेट फेरबदल की सरगर्मियां तेज
मंत्रालयों के इस सीधी समीक्षा सत्र को राजनीतिक हलकों में संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरबदल और प्रशासनिक कसावट से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में संगठन और सरकार के स्तर पर आवश्यक रणनीतिक बदलाव किए जा सकते हैं।









