प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह और उनके भाई अभिमन्यु द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के मामले में चचेरे भाई जय सिंह और चाची गायत्री देवी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार और वादी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सीडी सिंह और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है।
फर्जी वसीयत और संपत्ति पर कब्जे का विवाद
यह पूरा मामला अलीगढ़ की प्रसिद्ध हवेली जलालपुर एस्टेट से जुड़ा हुआ है। अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह और उनके भाई का आरोप है कि उनके दादा हरेंद्र पाल सिंह के नाम की एक फर्जी और अपंजीकृत वसीयत तैयार कर करोड़ों रुपए की पुश्तैनी कृषि भूमि और ऐतिहासिक हवेली को हड़पने की कोशिश की गई है। अभिनेता का कहना है कि उनके दादा गंभीर रूप से बीमार थे और उस स्थिति में वसीयत बनाने के बिल्कुल भी योग्य नहीं थे। इस संबंध में पहले भी पुलिस अधिकारियों के समक्ष गुहार लगाई जा चुकी है।
स्वीडन के नागरिकों को मिली राहत
याचियों जय सिंह और गायत्री देवी की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि वे स्वीडन के नागरिक हैं। प्राथमिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए संबंधित पक्षों से जवाब माँगा है। अभिनेता का यह भी आरोप है कि इस पारिवारिक संपत्ति के फर्जीवाड़े में कई अन्य लोग भी शामिल हैं, जिनकी जांच के बाद परतें खुलने की उम्मीद है।









