विनोद की मौत से घर में मचा कोहराम, पापा को जगाने की जिद करती रही मासूम बेटी

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गोंडा|बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी की नृशंस हत्या के पश्चात शुक्रवार सुबह सवा आठ बजे रेक्सड़िया मल्लहनपुरवा का माहौल बेहद तनावपूर्ण दिखाई दिया। गांव के प्रवेश द्वार पर ही सुरक्षाकर्मियों की नाकेबंदी है और आने-जाने वाले हर शख्स की सघन निगरानी की जा रही है। सुरक्षा का घेरा पार कर गांव में दाखिल होते ही मृतक विनोद साहनी के घर से आ रही चीख-पुकार सन्नाटे को चीर रही है।

घर के भीतर बेटी विजयलक्ष्मी अचेत होकर बार-बार अपने पिता को पुकार रही है और पास मौजूद महिलाएं उसे ढांढस बंधाने का प्रयास कर रही हैं। विनोद की पत्नी ऊषा का भी रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें पानी के छींटे मारकर संभाला जा रहा है।

इसी बीच आसपास के गांवों से पहुंचे लोग मृतक के पुत्र राजा और उनके भाई से घटना की जानकारी जुटाने लगे। परिजनों ने बताया कि देर रात करनैलगंज के स्थानीय जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारियों के संग पहुंचे थे और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

सड़क पर शव रखकर किया प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का किया घेराव

हत्या के विरोध में शुक्रवार को स्थानीय निवासियों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया। परिजनों और ग्रामीणों ने शव को चारपाई पर रखकर जुलूस निकाला। सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई। इसके पश्चात प्रदर्शनकारियों ने परसपुर-बरगदी मार्ग पर शाहपुर-धनावा के समीप बीच सड़क पर शव रखकर आवागमन बाधित कर दिया। दूसरी ओर, निषाद समाज के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर का घेराव कर धरना दिया।

घटना की सूचना पर आसपास के इलाकों और पड़ोसी जिलों से समाज के सैकड़ों लोग मल्लहनपुरवा पहुंचे। भीड़ ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब डेढ़ किलोमीटर आगे बढ़ने पर प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर भीड़ को रोकने का प्रयास किया, परंतु लोगों की भारी संख्या के कारण इंतजाम नाकाम साबित हुए।

प्रशासनिक अधिकारियों से मांग और धरना

शाहपुर-धनावा मार्ग पर दोपहर तक चले धरने के दौरान प्रदर्शनकारी उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे। उन्होंने अभियुक्तों के मकानों पर बुलडोजर चलाने, पीड़ित परिवार को पांच करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने की मांग रखी।

राजनीतिक व सामाजिक प्रतिनिधियों के पहुंचने के बाद प्रशासनिक अधिकारी प्रियंका निरंजन और पुलिस प्रमुख अभिषेक मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की गारंटी दी, जिसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।

इसी दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में भी पैदल मार्च के बाद विरोध प्रदर्शन हुआ। वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। अधिकारियों ने स्थल पर पहुंचकर मांग पत्र स्वीकार किया और त्वरित कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

कमियार घाट पर दी गई मुखाग्नि

कमियार घाट पर अत्यंत गमगीन वातावरण में विनोद का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। पुत्र राज साहनी ने जैसे ही अपने पिता को मुखाग्नि दी, वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। अंतिम संस्कार के दौरान समर्थकों ने 'विनोद साहनी अमर रहें' के नारे लगाए और परिजन बिलखते नजर आए।

प्रशासन का आधिकारिक बयान

जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने स्पष्ट किया कि मुख्य तीन आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पीड़ित परिवार को हरसंभव सुरक्षा और आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

पुलिस प्रमुख अभिषेक ने जानकारी दी कि शेष अभियुक्तों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। वहीं, कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित स्थानीय थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी और बीट सिपाही के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।

घटना का विवरण और मुख्य कारण

उल्लेखनीय है कि बुधवार की रात अपनी दुकान बंद कर मोटरसाइकिल से घर वापस लौट रहे व्यापारी विनोद कुमार साहनी (45) को घेरकर जानलेवा हमला किया गया था। पुलिस ने मामले में 10 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि विवाद की वजह सोशल मीडिया की एक पोस्ट से जुड़ी रंजिश थी।

रेक्सड़िया मल्लहनपुरवा निवासी विनोद साहनी शाहपुर बाजार में बर्तन की दुकान चलाते थे। लल्लन यादव की दुकान के समीप घात लगाए हमलावरों ने धारदार हथियारों से उन पर हमला कर दिया। गंभीर अवस्था में परिजनों ने उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया, जहां से लखनऊ रेफर किए जाने के बाद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

सामाजिक व राजनीतिक मंचों पर यह बात उठाई जा रही है कि पूर्व में हुए एक धार्मिक विवाद के समर्थन में विनोद साहनी की सक्रियता कुछ लोगों को नागवार गुजरी थी, जिसके परिणामस्वरूप इस वारदात को अंजाम दिया गया।