हावड़ा: पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित बेलूर बाजार में गणेश पूजा के दौरान एक अनोखी और विवादित थीम को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। शिवचंद्र चटर्जी स्ट्रीट पर आयोजित इस सार्वजनिक गणेश पूजा में इस बार 'हिंदू राष्ट्र' को मुख्य थीम बनाया गया है, जिसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भगवान गणेश को एक साथ बैठकर चाय पीते हुए दर्शाया गया है। इस पूरी परिकल्पना को 'चाय पे चर्चा' का नाम दिया गया है, जो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद से ही राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुकी है।
पंडाल की थीम और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
पूजा पंडाल के भीतर सजाई गई इस झांकी में पीएम मोदी और भगवान गणेश दोनों के हाथों में चाय के कप दिखाए गए हैं। उनके पीछे की दीवार पर 'हिंदू राष्ट्र' लिखा हुआ है, जबकि पास ही में भारत के नक्शे के साथ हिंदू ध्वज भी लगाया गया है। इस वैचारिक प्रस्तुति के सामने आते ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी आमने-सामने आ गई हैं।
आयोजकों का स्पष्टीकरण
विवाद बढ़ने के बाद पूजा के मुख्य आयोजक और प्रमोटर खोकन कांरा ने सफाई देते हुए कहा कि वह हर साल गणेश पूजा पर अलग-अलग थीम तैयार करते हैं।
उनके अनुसार, यह उनकी अपनी रचनात्मक कल्पना है और इसे स्थानीय स्तर पर अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म या भावना को ठेस पहुँचाना नहीं है।
उन्होंने भाजपा से किसी भी तरह के सीधे जुड़ाव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'राष्ट्र' और भगवान गणेश को 'धर्म' के प्रतीक के रूप में दर्शाया है।
टीएमसी ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
इस थीम पर तीखी आपत्ति जताते हुए मध्य हावड़ा के विधायक और टीएमसी नेता अरूप रॉय ने आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने और प्रधानमंत्री को खुश करने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर की बीजेपी को ऐसे आयोजकों के खिलाफ खुद संज्ञान लेना चाहिए।
बीजेपी का बचाव और रुख
दूसरी ओर, हावड़ा जिला बीजेपी के सचिव ओमप्रकाश सिंह ने इस मामले में बचाव की मुद्रा अपनाते हुए कहा कि उन्हें इस विशिष्ट आयोजन की पूर्व जानकारी नहीं थी, लेकिन इसमें उन्हें कुछ भी गलत नजर नहीं आता।
उन्होंने पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा और अन्य उत्सवों के दौरान बनने वाली विभिन्न थीमों का हवाला दिया।
उन्होंने टीएमसी की आपत्तियों को खारिज करते हुए तंज कसा कि उनके शासनकाल में तो पूजा के आयोजन के लिए भी अदालतों के चक्कर काटने पड़ते थे।
बीजेपी नेता ने यह भी जोड़ा कि पार्टी संगठन इस पूरे प्रकरण की समीक्षा करेगा और यदि कोई नियम विरुद्ध बात पाई जाती है, तो उचित कदम उठाया जाएगा।









